शरणार्थियों का कहना है कि वे अपने घर वापस लौटने के लिए तरस रहे हैं, लेकिन वहां हो रही झड़पों के मद्देनजर ऐसा करने से डर रहे हैं। बता दें, म्यांमार के करीब 500 लोग इस समय बेथेल शरणार्थी शिविर में शरण लिए हुए हैं और इनमें से 170 बच्चे हैं।
म्यांमार के चिन राज्य में सैन्य शासन और सशस्त्र नागरिक समूह पीपुल्स डिफेंस फोर्स (पीडीएफ) के बीच हिंसक झड़प जारी हैं। पीडीएफ ने म्यांमार के कई सैन्य शिविरों पर कब्जा कर लिया है। वही, आम नागरिक भी जान बचाने के लिए भारत भागकर आए शरणार्थियों को मिजोरम के सीमावर्ती गांव जोखावथार में बने शिविर में अस्थायी रूप से जगह मिल गई है। इन शिविरों में रह रहे लोगों ने वापस अपने घर जाने की इच्छा जताई है। हालांकि, वह डरे हुए भी हैं।
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पता नहीं कब हालात सही होंगे
जोखावथार के बेथेल शरणार्थी शिविर में अपने परिवार के साथ शरण लिए म्यांमार के चिन राज्य के रहने वाले वनलालरुआता का कहना है कि घर जाने के लिए फिलहाल हालात सही नहीं है। मौजूदा अशांति और हिंसा के बीच वे चिंता और डर में दिन बिता रहे हैं। उनका कहना है कि वह वापस जाना चाहते हैं, लेकिन ऐसा करने से बहुत डरते हैं। पता नहीं कब हालात सही होंगे।
मिजोरम सरकार ने की मदद
वनलालरुआता ने आभार जताते हुए कहा, 'हमने फिलहाल यहां जोखावथार में शरण ली है। मिजोरम सरकार और एक गैर सरकारी संगठन यंग मिजोरम एसोसिएशन (वाईएमए) ने हमारी मदद की है। हम लोगों की मदद के लिए यहां शिविर लगाए जा रहे हैं।'
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कई घरों में तोड़फोड़ की
उन्होंने कहा कि चिन राज्य में उनके गांव में कई घरों को जला दिया गया। हिंसा अभी भी जारी है। कई घरों में तोड़फोड़ की गई है। उन्होंने आगे कहा कि हम में से कुछ लोग चिन वापस लौट गए हैं। वहां उनके घरों को तहस नहस कर दिया है। सबकुछ बर्बाद हो चुका है। वनलालरुआता ने कहा कि पता नहीं आने वाले समय में और क्या क्या होगा।
बेथेल शरणार्थी शिविर में 500 लोग रह रहे
बता दें, म्यांमार के करीब 500 लोग इस समय बेथेल शरणार्थी शिविर में शरण लिए हुए हैं और इनमें से 170 बच्चे हैं। कुछ लोगों ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से शरणार्थी शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
घर की स्थिति को लेकर डरी हुई
एक महिला शरणार्थी थनलियानचियारी का कहना है, 'हम अपने गांव जाना चाहते हैं, लेकिन म्यांमार में वर्तमान स्थिति बहुत खराब है। हमने अपने घरों को खो दिया है और हमें फिर से सब बनाना होगा। हम जल्द से जल्द अपनी मातृभूमि में शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।' मिजोरम के चंफाई जिले के जोखावथार इलाके में रह रही म्यांमार की नागरिक और नौ महीने के बच्चे की मां एस्थर लालपेकमावी ने कहा कि वह हवाई हमलों के कारण अपने घर की स्थिति को लेकर डरी हुई हैं।