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केरल: माकपा ने कहा- पढ़ी-लिखी लड़कियों को आतंकवाद के जाल में फंसाए जाने की आशंका, विपक्ष ने मांगे सबूत

Fri, 17 Sep 2021 07:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम

सार

वामपंथी पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंकसेवक संघ पर भी निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि संघ परिवार ने अल्पसंख्यक वर्ग के मन में असुरक्षा की भावना पैदा की है। मार्क्सवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को इस मुद्दे पर सजग रहने को कहा है।
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विस्तार
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केरल में सत्तारूढ़ पार्टी सीपीआई (एम) ने भी पढ़ी-लिखी लड़कियों को आतंकवाद और सांप्रदायिकता के जाल में फंसाए जाने की आशंका जाताई है। पार्टी का कहना है कि प्रफेशनल कॉलेजों में पढ़ने वाली लड़कियों को एक वर्ग आतंकवाद और सांप्रदायिकता की ओर आकर्षित कर सकता है। पार्टी की ओर से यह बयान कथित लव जिहाद और नार्कोटिक जिहाद को लेकर छिड़ी बहस के बीच आया है।

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वामपंथी पार्टी ने राष्ट्रीय स्वयंकसेवक संघ पर भी निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि संघ परिवार ने अल्पसंख्यक वर्ग के मन में असुरक्षा की भावना पैदा की है। मार्क्सवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को इस मुद्दे पर सजग रहने को कहा है। पार्टी का यह अहम बयान आगामी बैठकों को लेकर तैयार किए गए नोट में आया है। 'अल्पसंख्यक सांप्रदायिकता' उप-शीर्षक के तहत नोट में कहा गया है कि इस बात को गंभीरता से लिया जाए कि राज्य में तालिबान जैसे आतंकी संगठन के समर्थन की चर्चा भी हो रही है। 

पार्टी का कहना है कि युवाओं को सांप्रदायिकता और चरमपंथी विचारधाराओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रफेशनल कॉलेजों की शिक्षित युवतियों की सोच उस ओर करने की कोशिश हो रही है। स्टूडेंट यूनियन और पार्टी के युवा संगठन को इस मुद्दे की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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नोट में कहा गया है कि राज्य में ईसाई समुदाय के लोग आमतौर पर सांप्रदायिक विचारधाराओं का समर्थन नहीं करते। हालांकि, हाल के दिनों में इस समुदाय के एक छोटे से वर्ग के बीच बढ़ रहे कट्टरपंथी प्रभाव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

विपक्षी कांग्रेस ने माकपा से आरोपों के बारे में सबूत मांगे हैं। यह राज्य में शासन करने वाली पार्टी द्वारा लगाया गया एक गंभीर आरोप है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन ने यहां पत्रकारों से कहा कि सीपीआई (एम) नेतृत्व को यह बताना चाहिए कि क्या इस संबंध में कोई मामला दर्ज किया गया है या क्या उनके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई डेटा है। पार्टी और उसकी सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह उसे उजागर करे।

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