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Raisina Dialogue: 'हम भारत को लाल सागर में वैकल्पिक मार्ग देने की स्थिति में', बोले आर्मेनिया के मंत्री

Wed, 21 Feb 2024 11:11 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Raisina Dialogue: लाल सागर में हूतियों के हमलों के बीच आर्मेनिया के मंत्री नारेक मकर्च्यान ने कहा कि उनका देश भारत को यूरोप के साथ एक वैकल्पिक समुद्री व्यापार मार्ग की पेशकश करने की रणनीतिक स्थिति रखता है। 
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रायसीना डायलॉग में नारेक मकर्च्यान। - फोटो : एक्स/रणंजय आनंद
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विस्तार
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रायसीना डायलॉग के नौवें संस्करण की शुरुआत बुधवार से हो गई है। इसमें भाग लेने के लिए आर्मेनिया के श्रम एवं सामाजिक मामलों के मंत्री नारेक मकर्च्यान भी नई दिल्ली पहुंचे हैं। सम्मेलन के इतर उन्होंने कहा कि उनका देश भारत को यूरोप के साथ व्यापार के लिए एक वैकल्पिक समुद्री मार्ग की पेशकश करने की स्थिति में हैं। 

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मंत्री ने कहा, आर्मेनियाई सरकार उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (आईएनएसटीसी), खाड़ी काला सागर परिवहन और पारगमन गलियारा व चाबहार बंदरगाह जैसी प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक विकास परियोजनाओं में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। 

रायसीना डायलॉग भू-राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर भारत की ओर से आयोजित होने वाला सम्मेलन है। जिसमें वैश्विक समुदाय के सामने आने वाले चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाती है। आर्मेनियाई मंत्री ने भारत को वैकल्पिक मार्ग देने की पेशकश करते हुए कहा कि यह ऐसे समय में जरूरी है, जब भारत सहित कई देश पश्चिम के साथ व्यापार करने के लिए वैकल्पिक समुद्री मार्गों की तलाश कर रहे हैं। 
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लाल सागर में व्यापारिक मार्गों में वाणिज्यिक जहां पर हूती विद्रोहियों के हमले नवंबर के मध्य में शुरू हुए। हूती विद्रोहियों ने गाजा में इस्राइल की सैन्य कार्रवाई और फलस्तीनियों की घेराबंदी के जवाब में हमले तेज किए। मकर्च्यान ने कहा कि आर्मेनिया भारत को यूरोप के साथ एक वैकल्पिक समुद्री व्यापार मार्ग की पेशकश करने की रणनीतिक स्थिति रखता है। 

लाल सागर जैसे पांरपरिक मार्गों में सुरक्षा चिंताओं के कारण वैकल्पिक मार्गों में बढ़ती रुचि के बीच यह पेशकश महत्वपूर्ण है। मंत्री ने वैश्विक गठबंध के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पर भारत के साथ सहयोग की भी वकालत की। जहां दोनों देशों के मंत्री एआई पर चर्चा कर सकते हैं और निवेश को गति दे सकते हैं।

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