दिल्ली के नगर निगम चुनाव में मिली करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी सवालों के घेरे में हैं। वहीं पंजाब, गोवा और अब एमसीडी चुनाव में हार के बाद पार्टी नेताओं के इस्तीफा देने का दौर भी शुरू हो गया है।
साल 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 70 में 67 सीटों पर एतिहासिक जीत हासिल की थी, लेकिन 2 साल के अंदर ही पार्टी की नीतियों को जनता ने सिरे से नकार दिया है। जनता ने उनकी विरोध की राजनीति को गलत साबित कर दिया है।
ये कहा जाए कि केजरीवाल इतने कम समय में अर्श से फर्श पर आ गए हैं तो यह गलत नहीं होगा। आप को मिली ऐतिहासिक सफलता को पार्टी ने अपनी खराब नीतियों, बेबुनियादी बयानों और अंहकार में गवां दिया।
इसी मुद्दे पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या 'आप' दिल्ली के लोगों के बीच भी अपनी विश्वसनीयता खोती जा रही है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 11495 वोट मिले। इनमें 85.68% (9849) लोगों ने हां में जवाब दिया, जबकि 12.91% (1484) लोगों ने कहा कि 'आप' दिल्ली के लोगों के बीच भी अपनी विश्वसनीयता नहीं खो रही है। 1.41% (162) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर नहीं की।