जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेता शरद यादव ने कानपुर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि बेरोजगारी की वजह से बड़ी तादाद में कांवड़िया सड़कों पर हैं। दरअसल बेरोजगारी को लेकर पीएम मोदी को घेरने के चक्कर में खुद शरद यादव ही घिर गए। सावन का पवित्र महीना चल रहा है। ऐसे में लाखों की संख्या में भोले भक्त कांवड़ लेकर जल चढ़ाने बड़ी-बड़ी दूर जाते हैं।
काफी लंबी यात्रा करनी पड़ती है इसलिए भक्त इकठ्ठे निकलते हैं। शरद यादव का यह बयान कांवड़ियों की संख्या को देखते हुए लोगों में संदेह पैदा कर रहा था। शरद यादव के बयान को बड़ी संख्या में लोगों ने गलत करार दिया। शरद यादव के बयान पर लोगों की राय जानने के लिए अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल में एक सवाल पूछा। 'क्या ज्यादातर कांवड़िये इसलिए यात्रा पर निकलते हैं क्योंकि वह बेरोजगार होते हैं?' इसके लिए तीन विकल्प थे। हां, ऐसा ही होता है, नहीं, वे धार्मिक वजह से यात्रा पर निकलते हैं, और तीसरा था कह नहीं सकते।
अमर उजाला ऑनलाइन पोल में 5,161 पाठकों ने वोटिंग की। जिसमें सबसे ज्यादा 61.02 फीसद यानी 31,49 पाठकों का मानना है कि कांवड़िए धार्मिक वजह से यात्रा पर निकलते हैं। वहीं 35.52 फीसद यानी 1,833 पाठकों का मानना है कि कांवड़िये इसलिए यात्रा पर निकलते हैं क्योंकि वह बेरोजगार होते हैं और 3.46 फीसद यानी 179 पाठकों ने तीसरे विकल्प पर वोट किया। विकल्प था, 'कह नहीं सकते।'