87.58 फीसदी लोगों को कहना है कि हां, रोहिणी कोर्ट में शूटआउट से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं, 12.42 फीसदी लोगों का मानना है कि घटना से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है।
दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में दिनदहाड़े हुए शूटआउट को लेकर लोगों का मानना है कि इसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। अमर उजाला ने इसे बारे में लोगों से पूछा था कि दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में दिनदहाड़े हुए शूटआउट से क्या राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है?
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इस पर 87.58 फीसदी लोगों को कहना है कि हां, रोहिणी कोर्ट में शूटआउट से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। वहीं, 12.42 फीसदी लोगों का मानना है कि घटना से राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है।
बता दें कि दिल्ली की रोहिणी अदालत में शनिवार को शूटआउट की घटना हुई थी। इसमें दो बदमाश वकील की ड्रेस में कोर्ट में घुस आए थे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। शूटआउट में तीन गैंगस्टर मारे गए थे। मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में सामने आया है कि रोहिणी कोर्ट में सुरक्षा में चूक हुई है। इसके चलते ही हमलावर कोर्ट के भीतर तक चले गए थे।
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हालांकि पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना इसे चूक नहीं मान रहे। वे कह रहे हैं कि पुलिस चौकस थी। हमलावरों को मौके पर ही मार गिराया गया। राष्ट्रीय राजधानी में दिन दहाड़े हुई इस खौफनाक घटना के बाद दिल्ली की अदालतों का सिक्योरिटी सिस्टम बदला जा सकता है। इसके लिए न्यायिक व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की राय ली जाएगी। यानी जज, वकील, पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां मिलकर नए सिस्टम पर अपना पक्ष रखेंगे। रोहिणी कोर्ट में दोनों गैंगस्टर वकील की वेशभूषा में अंदर आए थे।