पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता तथागत रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि गणतंत्र दिवस पर होने वाली परेड में बंगाल की नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आधारित झांकी को जगह दी जाए। एक दिन पहले ही बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पीएम से ऐसी ही मांग की थी। हालांकि, रॉय ने साफ किया कि पीएम मोदी से की गई उनकी इस मांग को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की निचले दर्जे की राजनीति के समर्थन के तौर पर न देखा जाए।
क्या रही तथागत रॉय की मांग?
रॉय ने कहा, "मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील है कि वे बंगाल की झांकी को गणतंत्र दिवस के जश्न में जगह दें। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस के उन कारनामों का जिक्र है, जिनसे आईएनए ने ब्रिटिश और उसकी सेना की हिम्मत को खत्म कर दिया था और भारत से उसकी विदाई जल्दी तय की थी।"
बंगाल भाजपा के नेता और त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल रह चुके रॉय ने कहा, "केंद्र सरकार ने पहली बार नेताजी बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने की शुरुआत की। अब हर साल गणतंत्र दिवस का जश्न भी 24 की जगह 23 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। इसलिए नेताजी के स्मरण का श्रेय कोई राज्य सरकार नहीं ले सकती।"
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने स्वतंत्रता सेनानी बोस की 125वीं जयंती पर उनके योगदान को दर्शाने वाली पश्चिम बंगाल की झांकी को आगामी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं करने के केंद्र के फैसले पर रविवार को आश्चर्य व्यक्त किया था और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था।
तमिलनाडु के सीएम ने भी लिखा खत
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी गणतंत्र दिवस परेड से राज्य की झांकी को बाहर करने पर पीएम मोदी को पत्र लिखा है। झांकी को शामिल करने के लिए पीएम के हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुब्रमण्यम भारती, वीओ चिदंबरनार, वेलु नचियार, मारुथु पांडियार भाइयों और अन्य को प्रदर्शित करता है।