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Rajya Sabha: 'मुझे 'कांग्रेस घास' से सख्त एलर्जी', सदन में पीयूष गोयल ने ली चुटकी; धनखड़ ने कही ये बात

Thu, 21 Dec 2023 04:19 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान पीयूष गोयल ने विपक्षी दल पर चुटकी लेते हुए कहा कि मुझे डॉक्टर ने कहा कि आप कांग्रेस घास से दूर रहिए, आपको इससे एलर्जी है। पढ़े पूरा मामला...
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
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विपक्षी सांसद लगातार अपने निलंबन को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच, राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने सदन के भीतर कांग्रेस पर कटाक्ष की। गुरुवार को उन्होंने कहा कि उन्हें  'कांग्रेस' घास से सख्त एलर्जी हैं। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से खरपतवार के बारे में पूछे गए सवाल पर प्रश्नकाल के दौरान गैर स्वदेशी पौधों की प्रजातियों को हटाने के बारे में एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। 
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सवाल के जरिए कांग्रेस पर कटाक्ष
विपक्षी कांग्रेस का नाम लिए बिना केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जब मैं डॉक्टर के पास गया, तो उन्होंने मुझे बताया कि मुझे कांग्रेस घास से एलर्जी है। मेरा आग्रह है कि मंत्री भूपेंद्र यादव इस बात पर प्रकाश डालें कि कांग्रेस घास कैसी है, जिससे एलर्जी होती है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि मंत्री भूपेंद्र यादव ऐसी जगह से आते है, जहां खरपतवार एक बड़ी चुनौती थी। इस दौरान उन्होंने पीयूष गोयल से कहा कि मंत्री को इसके बारे में पूरी जानकारी है, आप मंत्री से अलग से बात करेंगे। साथ ही इसके समाधान पर भी चर्चा करें। 

कांग्रेस घास पर मंत्री जानकारी साझा करें- पीयूष गोयल
इस दौरान पीयूष गोयल ने जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण मंत्री सदन के सभी सदस्यों के साथ कांग्रेस घास के बारे में जानकारी साझा करें। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वह सभापति के निर्देश का पालन करेंगे और इस मुद्दे पर पीयूष गोयल से अलग से मिलेंगे।
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क्या है 'कांग्रेस घास'
बता दें 'कांग्रेस घास' या पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस, जो उष्णकटिबंधीय अमेरिका में मूल रूप से पाई जाती है। 1955 में यह खरपतवार गलती से भारत उपमहाद्वीप में आ गया था। माना जाता है कि यह खरपतवार अमेरिका से गेहूं के आयात के जरिए भारत में एक संदूषक के रूप में आया था। यह पहली बार 1955 में पुणे में देखी गई थी, फिर 40 वर्षों के भीतर यह खरपतवार देश में तेजी से फैल गया था। 
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