पुणे के राम भक्तों ने हापुस आमों को भगवान राम को समर्पित करने के लिए कई महीनों पहले से ही तैयारी कर रखी थी। इसके लिए पुणे के सबसे अच्छे हापुस आमों को चुनकर विशेष रूप से तैयार की गईं टोकरियों में भरकर इन्हें अयोध्या में भगवान के मंदिर तक लाया गया।
अक्षय तृतीया की पावन तिथि पर भगवान राम को 11 हजार हापुस आमों का भोग लगाया गया। महाराष्ट्र के पुणे शहर से राम के भक्तों ने अपने आमों की पहली फसल रामलला को समर्पित कर उनके प्रति अपने प्रेम का प्रदर्शन किया। हापुस को आमों की सबसे अच्छी प्रजातियों में से एक माना जाता है। यह महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों में प्रमुख तौर पर पैदा किया जाता है और देश-विदेश में बहुत ऊंचे दामों पर बिकता है।
विज्ञापन
पुणे के राम भक्तों ने हापुस आमों को भगवान राम को समर्पित करने के लिए कई महीनों पहले से ही तैयारी कर रखी थी। इसके लिए पुणे के सबसे अच्छे हापुस आमों को चुनकर विशेष रूप से तैयार की गईं टोकरियों में भरकर इन्हें अयोध्या में भगवान के मंदिर तक लाया गया। आज अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर इन आमों और आम रस की बोतलों को भगवान को समर्पित कर दिया गया। महाराष्ट्र सहित देश के विभिन्न इलाकों में किसान अपनी फसलों की पहली खेप अपने आराध्य को समर्पित करते हैं।
विश्व हिंदू परिषद के शरद शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि जब से भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन हुआ है, पूरे देश और दुनिया से भक्त अयोध्या आ रहे हैं और अपने-अपने तरीके से भगवान के प्रति अपने प्रेम का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह माता शबरी ने भगवान को बेर खिलाकर उनके प्रति अपनी भक्ति का प्रदर्शन किया था, उसी प्रकार इन आमों को भगवान को अर्पित कर भी भक्तों ने उनके प्रति अपने प्रेम का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सहित पूरी दुनिया भर में फैले राम भक्तों के इस प्रेम को देखते हुए उन राजनीतिक दलों को राम और राम भक्तों की आलोचना से बाज आना चाहिए जो अपने तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए अपनी आपत्तिजनक टिप्पणियों से लोगों की भावनाएं आहत करते रहते हैं।