वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी जल्द ही भारत न्याय यात्रा करने जा रहे हैं। उनकी यात्रा पर हर कोई निशाना साध रहा है। इस बीच, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर कई सवालों के बौछार कर दिए।
असम के बारपेटा में लोगों को संबोधित करते हुए सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा, 'कांग्रेस सरकार ने कहा था कि हम यह करेंगे, हम यह देंगे... आदि। डिटेंशन कैंप किसने बनाया? डी-वोटर मुद्दा किसने उठाया? एनआरसी की समस्या किसने पैदा की?' उन्होंने कहा कि यह सब तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने किया। इससे पहले, प्रफुल्ल महंत के नेतृत्व वाली सरकार ने एक लाख डी-वोटर बनाए, लेकिन तरुण गोगोई के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने एक साल के भीतर पांच लाख डी-वोटर बनाए।
इससे पहले, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने राहुल गांधी पर हमला कर कहा था कि उनकी भारत न्याय यात्रा के बाद भी लोग कांग्रेस को वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी नेहरू परिवार के पुत्र हैं।जब भी वह कहीं जाते हैं तो लोग उन्हें देखने के लिए आते हैं, लोग राहुल गांधी को हीरो की तरह देखेंगे, लेकिन उन्हें या कांग्रेस को वोट नहीं देंगे। उनकी इस यात्रा से कोई फायदा नहीं होगा।’
असम के बारपेटा में एक सार्वजनिक बैठक में शामिल होने के बाद बदरुद्दीन ने शुक्रवार को मीडिया से बात की थी। उन्होंने कहा था, 'इससे पहले राहुल ने 50 राज्यों का दौरा किया, जो कि बहुत अच्छा था। लेकिन चुनाव में उन्हें नतीजे क्या मिले, क्या वह इससे संतुष्ट हैं?'
भारत न्याय यात्रा के दौरान 14 राज्यों को किया जाएगा कवर
बता दें कि राहुल गांधी 14 जनवरी से भारत जोड़ो न्याय यात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा की शुरुआत मणिपुर के इंफाल से होगी और 20 मार्च को मुंबई में इसका समापन होगा। इस यात्रा के जरिए 14 राज्यों और 85 जिलों को कवर किया जाएगा। कांग्रेस की तरफ से भारत न्याय यात्रा की घोषणा करने पर पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया था कि इस यात्रा का उद्देश्य सबके लिए न्याय है।
वेणुगोपाल ने बताया था, 'इस यात्रा के दौरान मणिपुर, नागालैंड, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, एमपी, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र को कवर किया जाएगा।'
इससे पहले राहुल गांधी ने सात सितंबर 2022 से 30 जनवरी 2023 तक भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत की थी, जिसमें कन्याकुमारी से श्रीनगर तक 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया गया था। इस यात्रा में 130 दिन का समय लगा था।