बीसीएएस के संयुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद ने बुधवार को कहा कि विमानन सुरक्षा नियामक ने हवाई अड्डों पर कंप्यूटर टोमोग्राफी तकनीक पर आधारित स्कैनर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जो बैग में रखे सामान की थ्री-डी तस्वीर दिखाएगा।
नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने देश के हवाई अड्डों पर कंप्यूटर टोमोग्राफी तकनीक पर आधारित स्कैनर लगाने की सिफारिश की है। इससे यात्रियों को स्कैनर से गुजरने से पहले अपने सामान से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निकालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वर्तमान में, हवाई अड्डों पर लगे स्कैनर बैग के अंदर के सामान की टू-डी तस्वीर दिखाते हैं।
विज्ञापन
बीसीएएस के संयुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद ने बुधवार को कहा कि विमानन सुरक्षा नियामक ने हवाई अड्डों पर कंप्यूटर टोमोग्राफी तकनीक पर आधारित स्कैनर स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है, जो बैग में रखे सामान की थ्री-डी तस्वीर दिखाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्कैनर से यात्रियों को अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बैग से बाहर निकालने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्कैनर लगाने से हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच की प्रक्रिया में तेजी लाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
बीसीएएस विमानन मंत्रालय के अंतर्गत आता है। हालांकि, अभी बीसीएएस की सिफारिश का पूरा विवरण सामने नहीं आया है। बीते दिनों देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर, विशेषकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर भीड़-भाड़ और लंबे समय तक इंतजार करने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद अधिकारियों ने कई उपाय किए हैं, जिससे भीड़ कम हुई है।
विज्ञापन
हवाई अड्डों पर सुरक्षा मजबूत करना सतत प्रक्रिया
हाल ही में विमानन मंत्रालय ने लोकसभा को बताया कि हवाई अड्डों पर सुरक्षा को मजबूत करना एक सतत प्रक्रिया है। समय-समय पर डीजीसीए और बीसीएएस द्वारा अन्य संबंधित एजेंसियों और हितधारकों के परामर्श से खतरे की धारणा के आधार पर समीक्षा की जाती है। विमानन मंत्रालय के मुताबिक, संवेदनशील हवाई अड्डों पर लगाने के लिए प्रस्तावित कुछ तकनीकों में कंप्यूटर टोमोग्राफी एक्सप्लोसिव डिटेक्शन सिस्टम (CT-EDS) मशीन और ड्यूल जेनरेटर X-BIS मशीन शामिल हैं।