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Air India: टाटा ग्रुप को सरकार की ओर से एयर इंडिया के हैंडओवर में एक महीने की देरी 

Mon, 27 Dec 2021 06:28 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

25 अक्टूबर 2021 को सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया की बिक्री के लिए टाटा संस के साथ शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
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एयर इंडिया - फोटो : pixabay
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विस्तार
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टाटा समूह के घाटे में चल रहे एयर इंडिया के अधिग्रहण में जनवरी तक एक महीने की देरी होने की संभावना है क्योंकि प्रक्रियाओं के पूरा होने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। अक्टूबर में सरकार ने एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के 100 प्रतिशत इक्विटी शेयरों के साथ-साथ ग्राउंड-हैंडलिंग कंपनी एआईएसएटीएस (AISATS) में अपनी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए टाटा संस की कंपनी द्वारा की गई उच्चतम बोली को स्वीकार कर लिया था जो 20 वर्षों में पहला निजीकरण है। उस समय सरकार ने कहा था कि वह दिसंबर के अंत तक लेनदेन को पूरा करना चाहती है, जिसमें टाटा द्वारा 2,700 करोड़ रुपये नकद का भुगतान करना शामिल है।

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जनवरी तक पूरी होगी प्रक्रिया
एसपीए में शर्तों के अनुसार, हैंडओवर की सभी औपचारिकताएं 8 सप्ताह के भीतर पूरी करनी होंगी, लेकिन इस तारीख को खरीदार और विक्रेता द्वारा पारस्परिक रूप से बढ़ाया जा सकता है और इस मामले में किया जा रहा है। नाम न जाहिर करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि हालांकि, कुछ नियामकीय मंजूरी अभी बाकी है और कुछ औपचारिकताएं पूरी होनी बाकी हैं। प्रक्रिया जनवरी तक पूरी हो जाएगी। 25 अक्टूबर 2021 को सरकार ने 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया की बिक्री के लिए टाटा संस के साथ शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। टाटा 2,700 करोड़ रुपये नकद चुकाएगी और एयरलाइन के कर्ज के 15,300 करोड़ रुपये का अधिग्रहण करेगी। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हैंडओवर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कैश कंपोनेंट आएगा।

टाटा ने मारी थी नीलामी में बाजी 
टाटा ने स्पाइसजेट के प्रमोटर अजय सिंह के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा 15,100 करोड़ रुपये की पेशकश और घाटे में चल रही एयर इंडिया में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के लिए सरकार द्वारा निर्धारित 12,906 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य को पीछे छोड़ दिया था। 31 अगस्त तक एयर इंडिया पर कुल 61,562 करोड़ रुपये का कर्ज था। घाटे में चल रही एयरलाइन को टाटा समूह को सौंपने से पहले इस कर्ज का 75 प्रतिशत या 46,262 करोड़ रुपये एआईएएचएल को हस्तांतरित किया जाएगा।
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टाटा को एयर इंडिया की वसंत विहार हाउसिंग कॉलोनी, नरीमन पॉइंट, मुंबई में एयर इंडिया बिल्डिंग और नई दिल्ली में एयर इंडिया बिल्डिंग जैसी गैरप्रमुख संपत्तियां नहीं मिलेंगी। टाटा को मिलने वाले 141 एयर इंडिया के विमानों में से 42 पट्टे पर विमान हैं, जबकि शेष 99 स्वामित्व में हैं। जबकि 2003-04 के बाद यह पहला निजीकरण होगा। एयर इंडिया टाटा के हिस्से का तीसरा एयरलाइन ब्रांड होगा। इसका एयर एशिया इंडिया और सिंगापुर एयरलाइंस लिमिटेड के साथ संयुक्त उद्यम विस्तारा में बहुमत है। 
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