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Air India: पायलट की सूझबूझ से टला हादसा, ढाई घंटे हवाई जहाज को हवा में क्यों रखा? सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

Sat, 12 Oct 2024 12:50 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एयर इंडिया से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जब एयर इंडिया के बोइंग 737-800 विमान ने जैसे ही टेक ऑफ किया तो उसका लैंडिंग गीयर या कहें अंडर कैरिएज सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा था, लेकिन....
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एयर इंडिया एक्सप्रेस - फोटो : एक्स
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विस्तार
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शुक्रवार को तिरुचिरापल्ली-शारजाह की एयर इंडिया की फ्लाइट बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक विमान में बैठे 140 यात्रियों की सांसें अटकी रहीं, लेकिन पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। दरअसल विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी का संकेत मिलने के बाद पायलट ने विमान को करीब ढाई घंटे हवा में ही रखा और ढाई घंटे बाद विमान को वापस सुरक्षित त्रिची (तिरुचिरापल्ली) एयरपोर्ट पर उतार लिया। 
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जानिए कैसे टला बड़ा हादसा
एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट एएक्सबी 613 ने शुक्रवार शाम 5.40 बजे तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट से शारजाह के लिए उड़ान भरी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि जब एयर इंडिया के बोइंग 737-800 विमान ने जैसे ही टेक ऑफ किया तो उसका लैंडिंग गीयर या कहें अंडर कैरिएज सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा था, और विमान के पहिए सफलतापूर्वक सेटल हुए, तभी पायलट ने कॉकपिट मास्टर पर देखा कि विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में कुछ खराबी का संकेत मिला है। 

बता दें कि हाइड्रोलिक सिस्टम में विमान के पहिए और उनका पूरा मैकेनिज्म शामिल होता है। विमान के रनवे पर दौड़ने और लैंडिंग में हाइड्रोलिक सिस्टम की भूमिका होती है। विमान के सेंसर्स से पता चला कि हाइड्रोलिक सिस्टम में ईंधन ओवरफ्लो हुआ है। अब पायलट को डर था कि इस तकनीकी खराबी की वजह से अगर लैंडिंग के वक्त हाइड्रोलिक सिस्टम ने सही तरीके से काम नहीं किया तो बड़ा हादसा हो सकता है। 
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बोइंग के 737-800 विमान में हालांकि ऐसी तकनीकी दिक्कतों से निपटने की सुविधाएं हैं, लेकिन पायलट ने खतरा उठाना सही नहीं समझा और हवाई जहाज को तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट पर ही उतारने का फैसला किया। पायलट ने विमान को तुरंत लैंड कराने की बजाय सूझबूझ से काम लेते हुए करीब ढाई घंटे तक विमान को तिरुचिरापल्ली शहर के ऊपर ही हवा में रखा। इससे विमान का ईंधन कम हुआ और उसके ओवरफ्लो होने की आशंका कम हो गई। हालांकि आपात स्थिति से निपटने के लिए रनवे पर मैनुअल अंडरकैरिएज तैनात कर दिया गया ताकि हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आए और विमान के पहिए अगर नहीं खुल पाए तो रनवे पर मौजूद अंडरकैरिएज से विमान को सुरक्षित लैंड कराया जा सके। 

पायलट ने एयरपोर्ट अधिकारियों को हालात की जानकारी दे दी थी, जिसके बाद एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मच गई। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और  एंबुलेंस की कई गाड़ियां रनवे पर तैनात कर दी गईं। जैसे ही विमान ने रात करीब 8.15 बजे सुरक्षित तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट पर लैंडिग की तो विमान में सवार 140 यात्रियों के साथ ही एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने भी चैन की सांस ली। सोशल मीडिया पर भी पायलट की सूझबूझ की खूब तारीफ हो रही है। 
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