तेलंगाना सरकार ने सोमवार को हाईकोर्ट को सूचित किया कि यहां कांचा गाचीबोवली में 400 एकड़ भूमि के बारे में गलत जानकारी फैलाने के लिए एआई-जनरेटेड सामग्री का कथित तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति रेणुका यारा की पीठ उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें स्थल पर पेड़ों को उखाड़ने और भूमि साफ करने पर रोक लगाने के लिए अदालत से निर्देश मांगा गया था।
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यूओएच की भूमि पर कथित अतिक्रमण
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की तरफ से कथित गलत बयानबाजी को गंभीरता से लेने के बाद यह दलील दी गई, जो हैदराबाद विश्वविद्यालय (यूओएच) से सटे 400 एकड़ भूमि पार्सल में आईटी बुनियादी ढांचे को विकसित करने के सरकार के कदम में बाधा डाल रही है। अतिरिक्त महाधिवक्ता तेरा रजनीकांत रेड्डी ने बताया, 'अदालत ने सरकार से 24 अप्रैल से पहले विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है, जिस दिन मामले की सुनवाई होनी है।' सीएम रेवंत रेड्डी ने 5 अप्रैल को अधिकारियों को यूओएच की भूमि पर कथित अतिक्रमण के संबंध में भ्रामक एआई सामग्री के निर्माण की जांच के लिए अदालतों का रुख करने का निर्देश दिया था।
'नकली ऑडियो और वीडियो क्लिप बनाए गए'
सीएमओ ने पहले कहा था कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सीएम रेड्डी को सूचित किया था कि मोर की आवाज के साथ कथित तौर पर नकली ऑडियो क्लिप बनाए गए थे और मनगढ़ंत तस्वीरें और वीडियो दिखाए गए थे जिसमें हिरण घायल हो रहे थे और साइट पर बुलडोजर से भाग रहे थे। इसने दावा किया था कि केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, बीआरएस नेता जगदीश रेड्डी, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी और जॉन अब्राहम, दीया मिर्जा और रवीना टंडन जैसी फिल्मी हस्तियों ने इन एआई-जनरेटेड नकली दृश्यों को साझा किया है, जिससे लोगों में गलत सूचना फैल रही है।
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अभिनेत्री ने टिप्पणी पर दी प्रतिक्रिया
इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, दीया मिर्जा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने एक भी एआई-जनरेटेड छवि या वीडियो पोस्ट नहीं किया है। उन्होंने पोस्ट में कहा, 'मीडिया और तेलंगाना सरकार को ऐसे दावे करने से पहले अपने तथ्यों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।' ध्रुव राठी, जॉन अब्राहम और रवीना टंडन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
क्या है पूरा विवाद?
तेलंगाना सरकार की तरफ से कांचा गाचीबोवली में 400 एकड़ भूमि को विकसित कर आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की योजना के खिलाफ यूओएच छात्र संघ ने विरोध प्रदर्शन किया है। इस मामले की सुनवाई अब तेलंगाना उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में हो रही है। आंदोलनकारी छात्रों का दावा है कि 400 एकड़ भूमि विश्वविद्यालय की है, जबकि राज्य सरकार का कहना है कि भूमि उसके कब्जे में है और उसने कांचा गाचीबोवली भूमि के बदले में यूओएच को अपने परिसर के पास लगभग बराबर जगह आवंटित की है। मुख्यमंत्री ने 5 अप्रैल को अधिकारियों को 400 एकड़ भूमि के संबंध में भ्रामक सामग्री को रोकने के लिए साइबर अपराध विभाग को मजबूत करने का निर्देश दिया।