महाराष्ट्र और नागपुर में अब अपराध पर लगाम लगाने में तकनीक की मदद ली जाएगी। नागपुर पुलिस ने एक निजी कंपनी के सहयोग से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) बेस्ड सिम्बा टूल बनाया है। इसके जरिए अपराध और अपराधियों का पता लगाया जा सकेगा। गुरुवार को नागपुर के पुलिस प्रमुख रविंद्र सिंघल ने सिम्बा टूल को लॉन्च किया। इस टूल में देश भर के 1.50 लाख अपराधियों का फोटो, वीडियो, ऑडियो फीड है।
अपराध को रोकने के लिए नागपुर पुलिस ने बड़ी पहल की है। पुलिस ने स्टैक टेक्नोलॉजी के सहयोग से सिस्टम इंटीग्रेटेड फॉर मॉनिटरिंग एंड बिग डेटा एनालिसिस (SIMBA)टूल लॉन्च किया। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि सिम्बा एक एआई टूल है। यह अपराध और अपराधियों से संबंधित कई तरह का डाटा, उसके स्रोत जैसे सीसीटीवी फुटेज, फोटो, ऑडियो के जरिये तत्काल जानकारी देगा। टूल में 1.50 लाख अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस बनाया गया है। इसमें उनके चेहरे की पहचान और बोली की पहचान समेत कई तरह के संकेत हैं। इसके जरिये यह टूल सटीक जानकारी देगा। यह टूल क्राइम जीपीटी से लैस है।
सिम्बा की लॉन्चिंग के दौरान नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंघल ने कहा कि तकनीक ने अपराध में लगाम लगाने में पुलिस की राह आसान की है। इसके हमें कई फायदे मिले हैं। कानून के पालन में सिम्बा का डिजिटल प्रयोग एक महत्वपूर्ण कदम है। एआई बेस्ड यह उपकरण न केवल सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि समय पर अलर्ट देकर अपराध को रोकने में मदद करेगा। साथ ही अपराधों की जांच में तेजी लाएगा। उन्होंने कहा कि एआई बेस्ड सिम्बा विभिन्न थानों के डाटा को भी संकलित कर सकेगा।
स्टैक टेक्नोलॉजी के सह संस्थापक और सीईओ अतुल राय ने कहा कि हमें देश और मातृभूमि की सेवा करने का अवसर मिला है। इस पर हमें गर्व है। हम नागपुर पुलिस के सहयोग के लिए हमेशा तत्पर हैं। उन्होंने बताया कि सिम्बा का आपराधिक डाटा बेस है। जो वीडियो, दस्तावेज और ऑडियो के जरिये परिणाम देगा।