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Ahmedabad Serial Blast Case: 13 साल बाद 49 आरोपी दोषी करार, 70 मिनट में 21 धमाकों से हिल गया था अहमदाबाद

Tue, 08 Feb 2022 11:49 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2008 में हुए इन धमाकों में करीब 56 लोगों की मौत हो गई थी। एक घंटे के अंदर 21 धमाके किए थे। अब अदालत ने मामले में 49 लोगों को दोषी ठहराया है तो, 28 को बरी कर दिया गया है। जब यह मुकदमा चल रहा था, तब कुछ कैदियों ने साल 2013 में जेल में 213 फीट लंबी सुरंग खोदकर कथित तौर पर भागने की कोशिश की थी। इस जेल तोड़ने के प्रयास के लिए मुकदमा अभी भी लंबित है।
 
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कोर्ट का फैसला - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गुजरात के अहमदाबाद में 2008 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट मामले में 13 साल बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने ब्लास्ट मामले में 49 आरोपियों को दोषी ठहराया है। वहीं 28 लोगों को बरी कर दिया गया है। सिलसिलेवार हुए इन धमाकों में करीब 56 लोगों की मौत हो गई थी। करीब 70 मिनट के अंदर ही 21 बम धमाकों से पूरा देश हिल गया था। एक वरिष्ठ लोक अभियोजक ने  बताया कि लगभग 80 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाया गया था। 13 साल से अधिक पुराने इस मामले में अदालत ने पिछले साल सितंबर में मुकदमे की कार्यवाही पूरी कर ली थी। ट्रायल कोर्ट ने फैसले की तारीख एक फरवरी तय की थी, लेकिन न्यायाधीश के कोरोना वायरस से संक्रमित हो जाने की वजह से इसे आठ फरवरी कर दिया गया था।

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एक के बाद एक धमकों से हिल गया था अहमदाबाद
26 जुलाई 2008 को 70 मिनट की अवधि में हुए 21 बम धमाकों ने अहमदाबाद को हिला कर रख दिया था। इन हमलों में 56 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से अधिक घायल हुए थे। पुलिस ने दावा किया था कि आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े लोगों ने साल 2002 में गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए इन हमलों को अंजाम दिया था, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय के कई लोग मारे गए थे।
अहमदाबाद में सिलसिलेवार धमाकों के कुछ दिन बाद पुलिस ने सूरत के विभिन्न इलाकों से कई बम बरामद किए थे। इसके बाद अहमदाबाद में 20 और सूरत में 15 एफआईआर दर्ज की गई थीं।
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78 आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की हुई थी शुरुआत
अदालत की ओर से सभी 35 एफआईआर को एक साथ जोड़ देने के बाद दिसंबर 2009 में 78 आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की शुरुआत हुई थी। इनमें से एक आरोपी बाद में सरकारी गवाह बन गया था। मामले में बाद में चार और आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उनका मुकदमा अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने 1100 गवाहों का परीक्षण किया।

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