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Agriculture: खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज की उपलब्धता शीर्ष प्राथमिकता, बैठक के बाद बोले कृषि मंत्री शिवराज

Sat, 15 Jun 2024 11:14 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि 'खाद-बीज की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से बुवाई में देरी होती है, जिसकी वजह से उत्पादन प्रभावित होता है और किसानों को नुकसान होता है।'
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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तय किया 100 दिन का एजेंडा - फोटो : PTI
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विस्तार
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केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद, बीज एवं कीटनाशकों की समय पर उपलब्धता को उनके मंत्रालय की शीर्ष प्राथमिकता बताया है। शुक्रवार को कृषि भवन में उन्होंने अधिकारियों के साथ खरीफ सीजन 2024 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए फसलों के लिए खाद-बीज जैसी बुनियादी सामग्रियों का समय पर वितरण एवं गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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'खाद-आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं होनी चाहिए'
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि 'खाद-बीज की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए, क्योंकि इसकी वजह से बुवाई में देरी होती है, जिसकी वजह से उत्पादन प्रभावित होता है और किसानों को नुकसान होता है। लिहाजा, खाद-बीज की आपूर्ति में किसी तरह की कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।' चौहान ने संबंधित विभाग को स्थिति की लगातार निगरानी एवं समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून का पूर्वानुमान सामान्य से बेहतर है। इस अवसर पर उर्वरक विभाग, केंद्रीय जल आयोग और भारतीय मौसम विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण दिए। 

'कृषि शिक्षा को पेशे से जोड़ने की जरूरत'
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री मनोज आहूजा और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री को खरीफ सीजन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। वहीं, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के कामकाज की समीक्षा करते हुए चौहान ने कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए खेतों के मशीनीकरण को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा को पेशे से जोड़ने की सख्त जरूरत है। किसान विकास केंद्रों (केवीके) की उपयोगिता में सुधार पर जोर देने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि केवीके को देश के अंतिम किसान तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल कृषि क्षेत्र में क्रांति ला सकता है। 
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