दो बैच में 40 हजार भर्ती करेगी थलसेना
लेफ्टिनेंट जनरल पोनप्पा ने कहा कि थलसेना भर्ती की मसौदा अधिसूचना 20 जून को जारी करेगी और उसकी सहायक इकाइयां इसी आधार पर पहली जुलाई से अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी करेंगी। इसके बाद अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में पूरे देश में भर्ती रैलियां आयोजित की जाएंगी।
इस भर्ती के आधार पर 25 हजार जवानों का पहला बैच दिसंबर के पहले और दूसरे सप्ताह में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। दूसरे बैच का प्रशिक्षण अगले वर्ष 23 फरवरी से होगा। 40 हजार जवानों की भर्ती के लिए पूरे देश के अलग-अलग केंद्रों पर 83 भर्ती रैलियां होंगी।
भविष्य में सवा लाख तक भर्तियां होंगी
सरकार योजना का विश्लेषण करने के लिए 46 हजार जवानों की भर्ती से शुरुआत कर रही है। अगले 4-5 वर्षों में यह संख्या सालाना 50-60 हजार और फिर 90 हजार से एक लाख तक पहुंचेगी। भविष्य में अग्निवीरों की भर्ती की हमारी क्षमता सवा लाख तक पहुंचेगी। -लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी, रक्षा मंत्रालय
नौसेना : पहला अग्निवीर 21 नवंबर को प्रशिक्षण के लिए जाएगा
वाइस एडमिरल त्रिपाठी ने बताया कि नौसेना में भर्ती का व्यापक दिशा-निर्देश 25 जून को जारी होगा और पहला अग्निवीर प्रशिक्षण कार्यक्रम में 21 नवंबर को शामिल होगा। इस भर्ती में लैंगिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा।
वायुसेना : 24 जून से पंजीकरण 30 दिसंबर तक पहला बैच
एयर मार्शल झा ने कहा कि भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 24 जून को शुरू होगी और ऑनलाइन परीक्षा का चरण 24 जुलाई से आरंभ होगा। पहले बैच का प्रशिक्षण 30 दिसंबर तक आरंभ होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री से फिर मिले तीनों सेना प्रमुख
तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने रविवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उसके बाद सैन्य बलों की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी साझा की गई।
फर्जी खबर फैलाने वाले 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर रोक
सरकार ने योजना पर फर्जी न्यूज फैलाने के मामले में 35 व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रतिबंध लगा दिया। दरअसल कुछ दिनों से इस योजना के खिलाफ देशभर में जारी हिंसक प्रदर्शन के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। इन व्हाट्सएप ग्रुप या इनके एडमिन पर किसी कार्रवाई के बारे में कोई सूचना नहीं है। ब्यूरो
एसओ का वाहन तोड़ा दो जिलों में नौ गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के देवरिया में रविवार को अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे उपद्रवियों ने थानाध्यक्ष की गाड़ी में तोड़-फोड़ करने के साथ पुलिस पर पथराव कर दिया। भदोही में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। दो जिलों में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
चार साल से पहले अग्निवीरों को सेवा छोड़ने की नहीं होगी अनुमति
वायुसेना ने स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना के तहत सैन्य बलों में शामिल होने वाले अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले सेवा छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ दुर्लभ मामलों में समक्ष प्राधिकारी की अनुमति से ही ऐसा किया जा सकेगा। वायुसेना ने रविवार को अग्निपथ योजना के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। 29 बिंदुओं का एक नोट जारी कर वायुसेना ने अग्निपथ को सैन्य बलों के लिए नई मानव संसाधन प्रबंधन योजना बताते हुए कहा कि योजना में शामिल होने वाले अग्निवीर वायुसेना कानून, 1950 से शासित होंगे।
इन बिंदुओं में भर्ती योग्यता, वेतन पैकेज, मेडिकल सुविधा, कैंटीन स्टोर सुविधा, दिव्यांगता मुआवजा, छुट्टी, प्रशिक्षण आदि की जानकारी दी गई है। 18 वर्ष से कम उम्र के अभ्यर्थियों को भर्ती फॉर्म पर लागू नियमों के अनुसार माता-पिता या अभिभावक के हस्ताक्षर करवाने होंगे। नोट में कहा गया है कि चार वर्ष की नौकरी पूरी करने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा के लिए अप्लाई करने का मौका दिया जाएगा।
सेवा के दौरान हासिल कौशल हर अग्निवीर के बायोडाटा में प्रमाणपत्र के रूप में शामिल किया जाएगा। नियमित भर्ती के आवेदन पर केंद्रीकृत बोर्ड पारदर्शी प्रक्रिया के जरिये विचार करेगा और उनके प्रदर्शन के आधार पर संबंधित बैच के अधिकतम 25 फीसदी अग्निवीरों को वायुसेना में नियमित सेवा का अवसर मिलेगा। हालांकि अग्निवीरों को सेवा समाप्ति के बाद सैन्य बलों में चुने जाने का कोई अधिकार नहीं होगा और 25 फीसदी चयन सरकार का अधिकार क्षेत्र पर निर्भर करेगा। एजेंसी
किसी भी ड्यूटी पर लगाया जा सकेगा
अग्निवीरों को भर्ती के बाद बल की आवश्यकता के अनुसार किसी भी ड्यूटी पर लगाया जा सकता है। अग्निवीर वर्तमान नियमों के तहत सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे। युवाओं के जोश को मान्यता देने और उन्हें उत्साहित करने के लिए अग्निवीरों को सेवा अवधि में एक अलग निशान धारण करना होगा।
- सालाना 30 छुट्टी : अग्निवीरों की छुट्टी संगठन की जरूरत पर निर्भर होगी। हालांकि सालाना 30 दिन की छुट्टी उन्हें स्वीकृत की जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य अवकाश डॉक्टरी सलाह पर निर्भर रहेगा।
- लागू नियमों के तहत भत्ते मिलेंगे : अग्निवीरों को तैनाती के दौरान तय वेतन के अलावा जोखिम, राशन, यात्रा और वर्दी भत्ता लागू नियमों के तहत दिया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में कोचिंग संस्थानों की भूमिका
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने दावा किया कि योजना के विरोध में हुए प्रदर्शनों के पीछे शत्रु ताकतों के अलावा कुछ कोचिंग संस्थानों का हाथ है। उन्होंने कहा, भर्ती के इच्छुक 70 फीसदी युवा इन कोचिंग संस्थानों में तैयारी करते हैं। ये कर्ज लेकर संस्थानों को फीस देते हैं और संस्थान उन्हें भर्ती का आश्वासन देते हैं। इन युवाओं को सड़कों पर उतारने में इन संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
- गुजरात : अहमदाबाद में पुलिस ने योजना का विरोध कर रहे 14 युवाओं को हिरासत में लिया है। बिना अनुमति जमा होने के आरोप में पकड़ा है।
- 483 ट्रेनें रद्द : अग्निपथ योजना का विरोध रविवार को थमता दिखा मगर रेलवे ने 483 ट्रेनों का परिचालन रद्द कर किया। रद्द होने वाली 29 ट्रेनें कोलकाता और बंगाल के विभिन्न हिस्सों को उत्तर भारत से जोड़ती हैं।
पीएम ने दी नौकरी की झूठी उम्मीद : राहुल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि पीएम ने बार-बार नौकरी की झूठी उम्मीद देकर युवाओं को बेरोजगारी के ‘अग्निपथ’ पर चलने के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, आठ साल में 16 करोड़ नौकरियां दी जानी थीं, लेकिन युवाओं को पकौड़े तलने का ही ज्ञान मिला।
सियासत कर रहा विपक्ष : भाजपा
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, प्रियंका ने कहा है कि उनका लक्ष्य सरकार को गिराना है। इससे यह साफ होता है कि उन्हें देश के सशस्त्र बलों और युवाओं की चिंता नहीं है। यह दुखद है।
लुधियाना स्टेशन पर हमले के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की आड़ में लुधियाना स्टेशन पर हुए हमले के पीछे विदेशी ताकतों की भूमिका भी सामने आ रही है। पुलिस की जांच में हमले के विदेशी कनेक्शन का खुलासा हुआ है। पुलिस ने हमले में शामिल 6 युवाओं के मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट को खंगाला है। इसमें लुधियाना स्टेशन पर हमले की पूरी प्लानिंग का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस को व्हाट्सएप ग्रुप से इंटरनेशनल नंबर मिले हैं, जिनका सेना की भर्ती योजना से कोई लेना देना नहीं है। इसके बावजूद यह नंबर भर्ती योजना के विरोध में व्हाट्सएप ग्रुप में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे और युवाओं को उपद्रव के लिए भड़का रहे थे। इन नंबरों को गहनता से खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आया है कि हमले को पूरे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है।