इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स(आईएसीसी) द्वारा आयोजित कॉरपोरेट और कानूनी मुद्दों पर 'भारत-अमेरिका कानूनी सेवा शिखर सम्मेलन' आयोजित किया गया। अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स(आईएसीसी) द्वारा आयोजित कॉरपोरेट और कानूनी मुद्दों पर 'भारत-अमेरिका कानूनी सेवा शिखर सम्मेलन' को संबोधित करते हुए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कई भारतीयों ने देश के कानूनी क्षेत्र में भी प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं।
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'कानूनी क्षेत्र के लिए वैश्विक स्तर पर आयोजित हो सभाएं'
वेंकटरमणी ने अपने संबोधन में कहा कि कानून और न्याय के क्षेत्र में भारत-अमेरिका तुलनात्मक और सहयोगात्मक कानून मंच स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, कानूनी क्षेत्र में भारतीयों का महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होना गर्व करने वाली बात है। वेंकटरमणि ने कहा कि मुझे यह भी लगता है कि मानवाधिकार, कल्याण तथा धन संरक्षण व्यवस्था का मेल भी एक एजेंडा और लक्ष्य होगा। वेंकटरमणी ने कानूनी बिरादरी के लोगों की विश्व स्तर पर अधिक प्रासंगिक सभाओं की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
आम समस्याओं पर ज्यादा विचार विमर्श की जरूरत- वेंकटरमणी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें आम चिंताओं पर अधिक से अधिक बहस और विचार विमर्श की जरूरत है। इस बीच, कार्यक्रम में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आईएसीसी से एक स्थायी तंत्र स्थापित करने पर विचार करने का आग्रह किया, जिसमें दोनों देशों के निवेशक और व्यवसाय भारत और अमेरिका दोनों में निवेश के संदर्भ में कानूनी मदद और परामर्श के लिए संपर्क कर सकें।