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भोपाल के अस्पताल में आग: कोविड महामारी के दौरान अस्पतालों में आगजनी की 10 घटनाएं, जिनसे हिल गया देश, पढ़ें

Tue, 09 Nov 2021 08:49 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमर उजाला आपको बता रहा है कि कोरोना के शुरू होने के बाद से अब तक अलग-अलग राज्यों के अस्पतालों में आग लगने की 10 सबसे बड़ी घटना कौन सी हैं और उनमें जान-माल का कितना नुकसान हुआ
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अस्पताल में आग की घटनाएं। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत में अस्पतालों में आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। खासकर कोरोना महामारी के दौरान अस्पतालों में बढ़ती भीड़ के चलते आग का शिकार होने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। रिपोर्ट्स की मानें तो अकेले महाराष्ट्र में बीते 13 से 14 महीनों में अस्पताल में लगी आग की घटनाओं में 51 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा गुजरात और मध्य प्रदेश में भी अस्पतालों में आगजनी से कुछ लोगों की मौत हो चुकी है। 
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ऐसे में अमर उजाला आपको बता रहा है कि कोरोना के शुरू होने के बाद से अब तक अलग-अलग राज्यों के अस्पतालों में आग लगने की 10 सबसे बड़ी घटना कौन सी हैं और उनमें जान-माल का कितना नुकसान हुआ...

1.  भोपाल, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित हमीदिया कैंपस में कमला नेहरू गैस राहत हॉस्पिटल है। इसमें 8 नवंबर रात करीब 9 बजे आग लगी थी। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बच्चा वार्ड के एसएनसीयू में 40 बच्चे भर्ती थे, जहां आग का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। सूत्रों का कहना है कि हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से और पीडियाट्रिक वेंटिलेटर ने आग पकड़ ली। सूत्रों का कहना है कि पोस्टमार्टम के लिए 7 बच्चों के शव लाए गए हैं। हालांकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चार बच्चों की मौत हुई है। एक दर्जन से अधिक नवजात झुलस गए हैं। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
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2. अहमदनगर, महाराष्ट्र
अहमदनगर जिला अस्पताल की आईसीयू यूनिट में 7 नवंबर को अचानक आग लग जाने से 11 मरीजों की मौत हो गई थी। इस घटना में बचाए गए 6 मरीजों का इलाज जारी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए थे। साथ ही प्रत्येक मृतक के आश्रित को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद की भी घोषणा की थी। आईसीयू में कोरोना संक्रमित करीब 20 रोगियों का इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर या ऑक्सीजन पर 15 मरीज थे, उन्हें बचाने के दौरान ही यह आग और भड़क उठी और बचाव दल वॉर्ड के अंदर नहीं घुस पाया।

3. भरूच, गुजरात
गुजरात के भरूच में इसी साल मई में एक कोविड अस्पताल में आग लग गई। इस घटना में 18 लोगों की मौत हुई थी। राज्य सरकार ने इस घटना पर न्यायिक जांच बिठा दी थी। मृतकों में कोरोना मरीजों के साथ कुछ नर्सिंग स्टाफ के लोग भी शामिल थे। करीब 50 लोगों को रेस्क्यू किया गया और उन्हें दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया था कि इस घटना की वजह शॉर्ट सर्किट थी। 

4. मुंब्रा, महाराष्ट्र
28 अप्रैल को महाराष्ट्र के ठाणे के नजदीक मुंब्रा इलाके के काउसा स्थित निजी क्रिटीकेयर हॉस्पिटल में भी आग लगने से चार मरीजों की मौत हो गई थी। बताया जाता है कि घटना के वक्त आईसीयू में कुल 8 मरीज भर्ती थे, हालांकि इनमें कोई कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं था। प्रथम दृष्टया आग के पीछे शॉर्ट सर्किट को वजह बताया गया था।

5. सूरत, गुजरात
गुजरात के सूरत में इसी साल 26 अप्रैल को  एक निजी अस्पताल के आईसीयू में रविवार रात आग लगने के बाद कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार कम से कम चार मरीजों की मौत हो गई। इसके अलावा 16 अत्यंत गंभीर मरीजों को बाहर निकाला गया और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

6. विरार, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के पालघर के वसई में स्थित एक कोविड अस्पताल में इसी साल 23 अप्रैल को बड़ा हादसा हुआ। 90 बेड के इस कोविड अस्पताल के आईसीयू में तड़के आग लगने से 15 कोविड रोगियों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया। आग एसी यूनिट में लगी और आईसीयू तक फैल गई थी। वल्लभ कोविड केयर अस्पताल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी केा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

7. रायपुर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के रायपुर में 17 अप्रैल को एक निजी अस्पताल में अचानक आग लग गई थी। इस अस्पताल में करीब 50 कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा था। आग की चपेट में आकर पांच मरीजों की मौत की बात सामने आई थी। हालांकि, बाकियों को बचा लिया गया था। इस घटना की वजह आईसीयू में शॉर्ट सर्किट बताई गई थी। हालांकि, फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर इस हादसे को बड़ा होने से रोक लिया था। 

8. भांडुप, महाराष्ट्र
इसी तरह का एक हादसा इस साल 26 मार्च को मुंबई के पूर्वी उपनगर भांडुप में हुआ जिसमें 10 कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की मौत हो गई थी। आग ड्रीम मॉल में लगी थी, जिसे कोविड-19 मरीजों के अस्पताल में तब्दील किया था और आग की लपटें करीब 40 घंटे तक उठती रही थीं। मृतकों में वे मरीज शामिल थे जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

9. भंडारा, महाराष्ट्र
इस साल अस्पतालों में दर्दनाक हादसों की शुरुआत 9 जनवरी को हुई जब भंडारा के जिला अस्पताल में नवजात देखभाल केंद्र इकाई में 10 शिशुओं की आग लगने से मौत हो गई। हादसे के समय उस वार्ड में एक से तीन महीने के उम्र के कुल 17 नवजात भर्ती थे। जांच के बाद अनुशंसा की गई कि सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित इंजीनियरों की तैनाती की जानी चाहिए जो मरम्मत आदि कार्यों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर निर्भर हैं। 

10. राजकोट, गुजरात
गुजरात के राजकोट में पिछले साल 27 नवंबर को अल सुबह एक निजी कोविड अस्पताल में भीषण आग लगने से पांच मरीजों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। कई अन्य मरीज भी झुलस गए। तब गुजरात सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश डी ए मेहता के नेतृत्व में राजकोट अस्पताल में आग की घटना की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया था। पुलिस ने बताया था कि अस्पताल प्रबंधन के शीर्ष अधिकारियों समेत पांच लोगों पर मामला दर्ज किया गया, क्योंकि प्रारंभिक जांच में उनकी ओर से घोर लापरवाही बरते जाने का खुलासा हुआ।
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