पाकिस्तान से आई पहली फ्लाइट
अफगानिस्तान ने दुनिया भर के देशों में भेजी गई चिट्ठी में इस बात का जिक्र किया है कि सभी देश उनकी सरकार को सपोर्ट करें और काबुल से अपने देशों को हवाई मार्ग के जरिए जोड़ें। तालिबानियों ने इस बात का भी जिक्र किया है कि बहुत से अफगानी नागरिक दुनिया भर में फंसे हुए हैं जो वापस अपने मुल्क आना चाहते हैं। ऐसे में कमर्शियल फ्लाइट को शुरू करके उनके लोगों को उनके देश भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा तालिबानियों का कहना है कि उनके मुल्क के बहुत से लोग विदेश आकर पढ़ाई करना चाहते हैं और इलाज के लिए जाना चाहते हैं। ऐसे में कमर्शियल फ्लाइट शुरू करके इन लोगों की मदद की जानी चाहिए। हालांकि अभी तक किसी भी देश ने आधिकारिक तौर पर काबुल की कमर्शियल फ्लाइट को शुरू करने की घोषणा नहीं की है लेकिन काबुल के हवाई अड्डे पर पहली कमर्शियल फ्लाइट 15 सितंबर को पाकिस्तान से लैंड कर चुकी है।
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के पत्रकारों का एक दल जहाज में था। जो अफगानिस्तान के हालात का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। तालिबानी सरकार के प्रवक्ता तारिक ग़ज़नीवाल ने अमर उजाला को बताया कि उनकी सरकार हर मुल्क को पत्र भेजकर कमर्शियल फ्लाइट शुरू करने की मांग कर रही है। उनका कहना है कि 15 अगस्त से पहले जिस तरीके से काबुल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कमर्शियल फ्लाइट का आवागमन था, उसे दोबारा सुचारू रूप से चालू किया जाए। ग़ज़नीवाल का कहना है कि भारत के साथ भी इस तरीके का पत्राचार किया गया है।