चुनाव आयोग को मिले पत्र में फॉर्म सी-7 और सी-8 में पाई गई विसंगतियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था। एडीआर ने कहा कि चुनाव आयोग को स्थानीय समाचार पत्रों के लिए फॉन्ट आकार, भाषा और प्रारूप से संबंधित अस्पष्टताओं को स्पष्ट करते हुए संशोधित दिशा निर्देश जारी करने चाहिए।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव आयोग से कहा कि गुजरात चुनाव में पार्टियों द्वारा स्व घोषणा फॉर्म सी-7 और सी-8 के अनुपालन की ऑडिट के लिए टीम गठित करें। गौरतलब है कि फॉर्म सी-7 और सी-8 राजनीतिक दलों के लिए समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफार्मों और दलों की वेबसाइटों पर लंबित आपराधिक मामलों वाले व्यक्तियों के बारे में जानकारी प्रकाशित करने के लिए, जिन्हें उम्मीदवार के रूप में चुना गया हो।
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चुनाव आयोग को मिले पत्र में फॉर्म सी-7 और सी-8 में पाई गई विसंगतियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया गया था। एडीआर ने कहा कि चुनाव आयोग को स्थानीय समाचार पत्रों के लिए फॉन्ट आकार, भाषा और प्रारूप से संबंधित अस्पष्टताओं को स्पष्ट करते हुए संशोधित दिशा निर्देश जारी करने चाहिए। इस बात पर जोर दिया गया है कि सी-7 फॉर्म को उसी प्रारूप में प्रकाशित किया जाना चाहिए जैसा चुनाव आयोग ने 2018 और 2020 के लिए समान प्रारूप दिया था।
इसमें कहा गया है कि दिशा निर्देशों को पूरी तरह से गुजराती में अनुवादित करने और राज्य के सभी राजनीतिक दलों के बीच प्रसारित करने की जरूरत है, जिससे उन्हें समाचार पत्रों, टीवी चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों सहित कई मीडिया चैनलों के माध्यम से नागरिकों को उपलब्ध कराया जा सके। एडीआर ने कहा कि सी-8 फॉर्म में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि प्रकाशन की लागत के साथ-साथ सी-7 फॉर्म के प्रकाशन की तारीख भी शामिल की जा सके। साथ ही कहा कि राजनीतिक दलों को सी-8 फॉर्म में एक विस्तृत और स्पष्ट घोषणा देनी होगी, जिसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या और उन उम्मीदवारों की कुल संख्या का उल्लेख हो, जिनके लिए सी-7 फॉर्म प्रकाशित किए जा रहे हैं।