इसरो ने मंगलवार को अपने अपडेट में बताया कि आदित्य-एल1 पर लगे स्पेक्ट्रोमीटर ने लगभग 29 अक्टूबर, 2023 से अपनी पहली अवलोकन अवधि के दौरान सोलर फ्लेयर्स के आवेगपूर्ण चरण को रिकॉर्ड किया है।
सौर वातावरण का अचानक चमकना ही सोलर फ्लेयर है। फ्लेयर्स विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम - रेडियो, ऑप्टिकल, यूवी, सॉफ्ट एक्स-रे, हार्ड एक्स-रे और गामा-रे में सभी तरंग दैर्ध्य (वेवलेंथ) में बढ़े हुए उत्सर्जन का उत्पादन करते हैं। एचईएल 1 ओएस एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर वर्तमान में थ्रेसहोल्ड और केलिब्रेशन ऑपरेशंस के सुधार के दौर से गुजर रहा है। यह तब से कठिन एक्स-रे गतिविधियों के लिए सूर्य की निगरानी कर रहा है।
इसरो ने अपनी एक्स टाइमलाइन पर लिखा, यह उपकरण सूर्य की हाई एनर्जी एक्स-रे गतिविधि की निगरानी करने के लिए तैयार है, जिसमें तेज समय और हाई-रिजॉल्यूशन स्पेक्ट्रा है। एचईएल 1 ओएस डाटा शोधकर्ताओं को सोलर फ्लेयर्स के आवेगपूर्ण चरणों के दौरान रिली हुई विस्फोटक ऊर्जा और इलेक्ट्रॉन का अध्ययन करने में सक्षम बनाता है।
एचईएल 1ओएस को बंगलुरु में इसरो के यूआर राव उपग्रह केंद्र के अंतरिक्ष खगोल विज्ञान समूह द्वारा विकसित किया गया है। अक्तूबर की शुरुआत में भारत के पहले सौर मिशन को अंजाम दे रहे आदित्य एल-1 अंतरिक्ष यान ने करीब 16 सेकंड के लिए ट्राजेक्टरी करेक्शन मैनुवर (टीसीएम) प्रक्रिया का प्रदर्शन किया।