कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार से मांग की है कि कतर की जेल में बंद नौसेना के पूर्व कर्मियों को वापस लाने के लिए हरसंभव कोशिश की जानी चाहिए। बता दें कि कतर की अदालत ने बीती 26 अक्तूबर को भारतीय नौसेना के पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाई थी। कतर ने आरोपों का खुलासा नहीं किया है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जासूसी के आरोप में नौसेना कर्मियों को यह सजा सुनाई गई है।
लोकसभा में उठा मुद्दा
लोकसभा में शून्य काल के दौरान कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने यह मुद्दा उठाया। चौधरी ने सरकार से मांग की कि पूर्व नौसेना कर्मियों को वापस लाने के लिए सरकार को हरसंभव कोशिश करनी चाहिए। बता दें कि पूर्व नौसेना कर्मियों की मौत की सजा के खिलाफ कतर की ऊपरी अदालत में याचिका दायर की गई है, जिसे कतर की अदालत ने स्वीकार भी कर लिया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने हाल ही में जब दुबई में कॉप28 सम्मेलन में शिरकत की तो सम्मेलन से इतर उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थानी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में भी कतर में मौजूद भारतीय समुदाय के बारे में चर्चा की गई।
ये लगे हैं आरोप
बता दें कि नौसेना के पूर्व कर्मियों को बीती 26 अक्तूबर को मौत की सजा सुनाई गई थी। भारत ने इस फैसले पर हैरानी जताई थी। हाल ही में नौसेना चीफ ने कहा कि भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए भारत सरकार हरसंभव कोशिश कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन भारतीयों को कतर के सबमरीन प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी इस्राइल को मुहैया कराने के आरोप लगे हैं। ये सभी भारतीय कतर की एक कंपनी में काम करते थे, जो कतर की नौसेना को ट्रेनिंग मुहैया कराती थी।