केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेताओं के साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडजीपी) की बैठक के संबंध में आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मकसदों को पूरा करने के लिए वार्ताकार के रूप में पुलिसकर्मियों को भेजना वामपंथी सरकार के काम करने का तरीका नहीं है।
विजयन ने कहा, 'विपक्ष के नेता वीडी सतीसन का कहना है कि एडीजीपी एमआर अजित कुमार ने मेरे वार्ताकार के तौर पर आरएसएस नेताओं से मुलाकात की। शायद उनकी पार्टी ऐसा करती रही होगी। हो सकता है कि विपक्ष के नेता की पार्टी अपने मंसूबों को हकीकत में बदलने के लिए वार्ताकारों के तौर पर पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल करती होगी। इसलिए अपनी पार्टी के पूर्व अनुभवों के आधार पर वे ऐसे बयान दे सकते हैं। हमारा काम करने का यह तरीका नहीं है।'
मुख्यमंत्री ने इस पर जोर दिया कि सरकार ने आरएसएस नेताओं से अजित कुमार की बैठक के मामले को गंभीरता से लिया है। इसकी जांच की जा रही है। हमें मिली रिपोर्ट के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय सहायता के लिए ज्ञापन तैयार करने की खबरों को फर्जी बताया
विजयन ने मीडिया के एक वर्ग पर वायनाड में भूस्खलन की घटनाओं के बाद केंद्रीय सहायता के लिए राज्य सरकार द्वारा ज्ञापन तैयार किए जाने के संबंध में फर्जी खबर फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केरल में नुकसानदेह पत्रकारिता हो रही है। मीडिया का एक वर्ग विवाद खड़े करने की फैक्टरी बन गया है। फर्जी खबरों की वजह से केरल की छवि खराब हुई है।