फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंदी हैं हम: भारत के रजत द्विवेदी और अमेरिका के ओजस ने जीती काव्य पाठ प्रतियोगिता

Sun, 12 Sep 2021 12:57 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहली बार भारत और अमेरिका के बच्चों की संयुक्त रूप से आयोजित की गईं अंतर्राष्ट्रीय काव्य पाठ एवं कहूट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता। दोनों देशों के 5 दर्जन बच्चों ने  प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। हिंदी को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत एवं अमेरिका इकाई ने की यह सराहनीय पहल।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय काव्य पाठप्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी स्मृति में पहली बार भारत और अमेरिका के बच्चों की काव्य पाठ एवं कहूट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। अंतरराष्ट्रीय काव्य पाठ प्रतियोगिता में भारत के रजत द्विवेदी और अमेरिका के ओजस एवं शुभम सजवाल विजेता रहे। विजेता प्रतिभागियों को समिति की ओर से हिंदी दिवस पर प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। समारोह में उपस्थित प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित अमेरिका की वरिष्ठ साहित्यकार नीलू गुप्ता ने  $51 का प्रथम पुरस्कार और अन्य  विजेताओ  के लिए $11 का नकद  पुरस्कार घोषित किया।  बुजुर्ग साहित्यकार शकुंतला बहादुर ने भी $21 डॉलर अमेरिकी  विजेताओं को तथा  Rs. 101 भारतीय विजेताओं को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की। 
विज्ञापन


आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति की भारत और अमेरिका इकाई के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कविता पाठ प्रतियोगिता में भारत और अमेरिका के करीब 5 दर्जन बच्चों ने प्रतिभाग किया। दो अलग-अलग वर्गो में आयोजित इस प्रतियोगिता में बच्चों ने स्वरचित कविताएं प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। अमेरिका के प्रतिभागी ओजस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई की कविता सुनाकर तालियां बटोरी। 

प्रतियोगिता के निर्णायक सरस्वती मासिक पत्रिका के प्रधान संपादक प्रोफेसर देवेंद्र शुक्ला और अमेरिका की न्यू जर्सी में रह रही वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती शशि पाधा थी। जूम पर आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता में निर्णायकों ने विजेता प्रतिभागियों के नामों की जैसे ही घोषणा की ऐसे ही तालियों की गड़गड़ाहट गूंज गईं। भारत के प्रथम वर्ग में अचिंत्य शाही प्रथम तथा  लखनऊ के गुदड़ी के लाल अभिषेक वाल्मीकि द्वितीय और लखनऊ के ही आर्यन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। द्वितीय वर्ग में उन्नाव के रजत द्विवेदी ने पहला स्थान प्राप्त किया। रायबरेली की कात्यायनी त्रिवेदी दूसरे और पटना की यातुषी इंदुरत्न तीसरे स्थान पर रही।
विज्ञापन


अमेरिका के प्रथम वर्ग में ओजस श्रीवास्तव (नॅार्थ ब्रुन्सविक-न्यूजर्सी) विजेता घोषित किए गए। ओजस ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की कविता ओजस्वी वाणी में प्रस्तुत कर सभी का दिल जीता। सान्वी वर्मा (सैन डियागो कैलीफोर्निया) दूसरे और कनव ओझा (हेन्डर्सन, नेवाडा) तीसरे स्थान पर रहे। द्वितीय वर्ग में प्रथम  - शुभम सजवाण (लॅास एन्जल्स  कैलीफोर्निया) प्रथम और केवल शाह (डेट्रायट) दूसरे स्थान पर रहे। प्रतियोगिता प्रारंभ होने के पहले समिति के संयोजक गौरव अवस्थी ने सभी का स्वागत करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पहल के लिए अमेरिकी इकाई की अध्यक्ष मंजु मिश्रा समेत सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष मंजु मिश्रा जी ने कहा कि भारतीय और अमेरिकी बच्चों की प्रतिभा का प्रदर्शन से साबित हो गया कि हिंदी भविष्य में भी सुरक्षित हाथों में है। भारत इकाई के अध्यक्ष विनोद शुक्ला ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रतियोगिता का सफल संचालन करते हुए अमेरिका में रह रहे हिंदी की शिक्षिका रचना श्रीवास्तव ने आचार्य द्विवेदी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। प्रवासी भारतीय एवं हिंदी शिक्षिका शुभ्रा ओझा ने बच्चों की प्रतियोगिताओं का सफल संचालन किया। अमेरिकी प्रवासी अलका भटनागर ने सु मधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। आयोजन में ममता कांडपाल त्रिपाठी एवं कुसुम नैपसिक ने योगदान दिया। मौके पर शेफाली सुरभि, वसुंधरा पांडे, कल्पना वार्ष्णेय, रश्मि संजीव श्रीवास्तव,  सुधीर द्विवेद्वी,  करुणा शंकर मिश्रा, घनश्याम मिश्रा, भी उपस्थित रहे

पटना की यातुषी ने प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पाया पहला स्थान
आचार्य द्विवेदी के व्यक्तित्व-कृतित्व पर आधारित कहूट प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में पटना की यातुषी इंदुरत्न ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में अमेरिका के ओजस दूसरे और ईशा तीसरे स्थान पर रही। इन बच्चों को भी प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई। यातुषी कहानियां भी लिखती है। प्रथम स्थान की घोषणा होते ही उनके माता पिता पर प्रियंका एवं संजय पाठक ने खुशी जाहिर की।

इस प्रतियोगिता का मुख्य मकसद हिंदी के प्रति लगाव पैदा करना है 
आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति कि भारत और अमेरिका इकाई के संयुक्त सौजन्य से आयोजित की गई इस प्रतियोगिता का मुख्य मकसद बच्चों में हिंदी के प्रति लगाव पैदा करना और हिंदी को आगे बढ़ाना है। समिति की अमेरिकी इकाई की अध्यक्ष श्रीमती मंजु मिश्रा ने बताया कि 8 से 12 और 12 से 18 वर्ष के बच्चों के लिए 2 आयु वर्ग में प्रतियोगिताएं संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि भारत में यह प्रतियोगिता 11 सितंबर को शाम 8:30 बजे और अमेरिका में सुबह 8 बजे ऑनलाइन आयोजित की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें