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UK: ब्रिटेन को नस्लवादी देश नहीं मानते ऋषि सुनक, बोले- इसकी संस्कृति-सुंदरता और लचीलेपन पर मुझे गर्व

Tue, 20 Dec 2022 04:40 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने पत्रकारों से कहा, मैं बिल्कुल नहीं मानता कि ब्रिटेन एक नस्लवादी देश है। जब मैं कहता हूं कि हमारे देश में पहला ब्रिटिश एशियाई मूल का प्रधानमंत्री है, तो इस बात में कुछ वजन है। 
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Rishi Sunak, ऋषि सुनक - फोटो : twitter/@Rishi Sunak
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विस्तार
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ब्रिटेन के राजा प्रिंस चार्ल्स के बेटे प्रिंस हैरी की अफ्रीकी-अमेरिकी मूल की पत्नी मेगन मार्कल पर एक स्तभंकार जेरेमी क्लार्कसन की टिप्पणी ने विवाद खड़ा किया हुआ है। इस बीच, भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने नस्लभेद को लेकर ब्रिटेन का बचाव किया है। 

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सुनक सोमवार को लातविया की राजधानी रीगा की यात्रा के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे। इस दौरान जब उन्होंने नस्लवाद के खिलाफ बात की और इस विषय को कर अपनी विरासत का जिक्र किया। 

उन्होंने पत्रकारों से कहा, मैं बिल्कुल नहीं मानता कि ब्रिटेन एक नस्लवादी देश है। जब मैं कहता हूं कि हमारे देश में पहला ब्रिटिश एशियाई मूल का प्रधानमंत्री है, तो इस बात में कुछ वजन है। सुनक ने कहा, आप जानते हैं, मुझे अपने देश, इसकी संस्कृति, इसके लचीलेपन, इसकी सुंदरता पर वास्तव में गर्व है। ब्रिटेन में जन्मे राजनेता ने कहा कि उनकी पारिवारिक जड़ें पंजाब में हैं। 
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 सुनक पूर्व टेलीविजन प्रस्तुतिकर्ता (प्रेजेंटर) और स्तंभकार जेरेमी क्लार्कसन द्वारा 'द सन' में लिखे कॉलम से उपजे विवाद पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।

क्लार्कसन के कॉलम के खिलाफ स्वतंत्र प्रेस मानक संगठन (आईपीएसओ) को छह हजार से ज्यादा शिकायतें मिलीं, जिसके परिणामस्वरूप लेखक और अखबार ने अपनी वेबसाइट पर कॉलम को हटाते हुए माफी मांगी। विवाद के बारे में पूछे जाने को लेकर सुनक ने कहा, सार्वजनिक जीवन में सभी के लिए भाषा की मर्यादा मायने रखती है। 

इस बीच, क्लार्कसन के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्रॉस पार्टी के साठ सांसदों ने द सन के संपादक विक्टोरिया न्यूटन को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा कि मेघन मार्कल को उनके जीवन के लिए धमकियां मिलीं और क्लार्कसन जैसे लोगों ने नफरत और हिंसा के स्वीकार न किए जाने वाले माहौल में योगदान दिया है।

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