गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
अरावली जिले की बायद विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने भीखी बेन परमार को कांग्रेस के महेंद्रसिंह शंकरसिंह वाघेला के खिलाफ मैदान में उतारा गया था। इस चुनाव के नतीजे की बात करें तो यहां निर्दलीय धवलसिंह जाला ने भाजपा की भीखी बेन परमार को 5,818 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 61,260 वोट जबकि निर्दलीय को यहां 67,078 वोट मिले।
पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के बेटे महेंद्रसिंह वाघेला तीसरे नंबर पर रहे
कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर रही। पार्टी के प्रत्याशी व गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला के बेटे महेंद्रसिंह वाघेला को महज 29,874 वोट मिले। इसके अलावा आठ उम्मीदवार ऐसे भी रहे जिनकी जमानत भी जब्त हो गई। नोटा को यहां 2,304 वोट मिले।
कांग्रेस यहां जीत की हैट्रिक लगाने से चूकी
इस चुनाव में निर्दलीय को जीत मिली है। वहीं, इसके पहले दो चुनाव कांग्रेस ने लगातार जीते थे। कई दशकों से यहां कांग्रेस और भाजपा को ही जीत मिलती रही लेकिन इस बार निर्दलीय ने बाजी मार ली।
2017 में कांग्रेस को मिली थी जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस ने धवल सिंह जाला को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने भाजपा के आदे सिंह चौहान को सात हजार वोटों से हराया था। यहां इस कुल चार उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी दो उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 2017 में कांग्रेस के टिकट पर जीते धवलसिंह जाला इस बार निर्दलीय चुनाव मैदान में थे। जाला ने एक बार फिर इस सीट पर जीत दर्ज की।