पाला बदल कर भाजपा में शामिल हुए वार्ड 28 के आम आदमी पार्टी पार्षद रामचंद्र ने चंद दिनों में ही घर वापसी कर भाजपा को शर्मसार कर दिया था। लेकिन रविवार को अचानक उनके बेटे आकाश ने एक वीडियो जारी कर यह 'घोषणा' कर दी कि उनके पिता का 'अपहरण' कर लिया गया है। उन्होंने एक नेता पर आरोप लगाते हुए कहा कि मिलने के लिए बुलाने के बाद उनके पिता रामचंद्र को जबरदस्ती अपने साथ ले जाया गया है। कथित तौर पर तब से उनका फोन भी बंद आ रहा है। बेटे ने अपने पार्षद पिता को बचाने के लिए गुहार लगाई है। वहीं, दूसरे दल इसे आम आदमी पार्टी की 'नौटंकी वाली राजनीति' कहकर खारिज कर रहे हैं। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण से अपना पल्ला झाड़ लिया है। पार्टी ने कहा है कि रामचंद्र राष्ट्र की सेवा करने के लिए भाजपा में आए थे, लेकिन स्वार्थ सेवा में अपने घर वापस चले गए हैं।
बवाना पार्षद रामचंद्र के बेटे का बयान सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी सक्रिय हो गई है। उसके नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने एक्स पर ट्वीट कर केंद्र सरकार से पूछा कि दिल्ली में आखिर ये क्या हो रहा है? ये किस प्रकार की राजनीति है? आप सांसद संजय सिंह ने इसे गुंडागर्दी वाली राजनीति बताया। दिलीप पांडे ने पार्षद के गायब होने में एक राजनीतिक पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हाथ होने का आरोप लगाया।
ऐसा क्यों हो रहा है?
दरअसल, दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी सत्ता में है। लेकिन निगम के प्रशासन को चलाने में सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण स्टैंडिंग कमेटी के निर्माण के लिए जिन जोनल कमेटियों का गठन किया जाना है, उसमें अपना महत्त्व बढ़ाकर नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी पर कब्जा किए जाने का प्रयास भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों की ओर से किया जा रहा है।
जब रामचंद्र के साथ आम आदमी पार्टी के चार अन्य पार्षदों ने भी भाजपा का दामन थाम लिया था, तब भी यही कहा गया था कि भाजपा निगम की सत्ता में प्रासंगिक रहने के लिए आम आदमी पार्टी में तोड़फोड़ कर रही है। रामचंद्र ने चार दिन बाद ही आम आदमी पार्टी में वापसी कर भाजपा को शर्मिंदा भी कर दिया था। अब आम आदमी पार्टी का आरोप है कि रामचंद्र को गायब कर भाजपा नकारात्मक स्तर की राजनीति कर रही है।
'चर्चा कर मुद्दे से भटकाना नहीं चाहते'
भाजपा ने कहा है कि रामचंद्र अपनी इच्छा से राष्ट्र की सेवा करने के लिए भाजपा में आए थे, लेकिन अब वे अपनी स्वार्थ सेवा के लिए आम आदमी पार्टी में जाना ज्यादा बेहतर समझा है। पार्टी के अनुसार, रामचंद्र प्रकरण से भाजपा का कुछ भी लेना-देना नहीं है।
वहीं, भाजपा के एक नेता ने कहा कि यह अरविंद केजरीवाल की छिछली स्तर की राजनीति है जिसमें वे किसी न किसी बहाने हंगामा खड़ा कर चर्चा में बने रहना चाहते हैं। आम आदमी पार्टी स्वयं शराब घोटाले में फंसी है, वह इस समय बैकफुट पर है। वह इस तरह के मुद्दों को हवा देकर लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों की तरफ ले जाना चाहती है। लेकिन वे ऐसे मुद्दों पर बयान देकर चर्चा का रुख नहीं मोड़ना चाहते।
उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी पहले भी इसी तरह की हंगामेदार, मसालेदार राजनीति करती रही है, यही कारण है कि अब उनका कोई भी विश्वास नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बार अरविंद केजरीवाल को सत्ता से हटाने के लिए पूरी तरह तैयार है।