पुलिस के अनुसार, पिछले साल तीन जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस अधिकारियों पर घात लगाकर किए गए हमले में खुशी ने सक्रिय भूमिका निभाई थी, जबकि उसका कहना था कि इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे की रिश्तेदार खुशी दुबे की जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत याचिका पर खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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जस्टिस अब्दुल नजीर और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने खुशी की याचिका पर प्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पुलिस के अनुसार, खुशी ने पिछले साल तीन जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस अधिकारियों पर घात लगाकर किए गए हमले में सक्रिय भूमिका निभाई थी, जबकि उसका कहना था कि इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है।
निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने पर वह इलाहाबाद हाईकोर्ट गई थी और वहां दलील दी थी कि उसे एक सितंबर, 2020 को एक बोर्ड द्वारा किशोर घोषित किया गया। साथ ही कहा कि वह विकास दुबे के गिरोह का सदस्य नहीं थी बल्कि उसका पति विकास का रिश्तेदार था और वे घटना वाले दिन विकास के घर गए थे।