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मुंबई : अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी नौसेना अधिकारी को दी जमानत, कहा- कंडोम का मिलना सहमति से यौन संबंध का संकेत नहीं

Thu, 02 Sep 2021 05:38 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, मुंबई

सार

  • मुंबई कोर्ट ने आरोपी अधिकारी को इस आधार पर जमानत दी कि दुष्कर्म मामले की जांच पूरी हो चुकी थी
  • शिकायतकर्ता ने कहा है कि 23 अप्रैल को उसका पति 5 महीने के प्रशिक्षण के लिए केरल गया था। जिसके बाद वह आवास के अपने हिस्से में अकेली रह रही थी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुंबई की एक अदालत ने दुष्कर्म के आरोपी नौसेना के अधिकारी को जमानत तो दे दी मगर यह दलील मानने से इनकार कर दिया कि घटनास्थल से बरामद कंडोम इस बात का संकेत है कि सहमति से यौन संबंध बनाया गया।

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सहकर्मी की पत्नी से दुष्कर्म का मामला
मुंबई के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजश्री जे घरात ने आरोपी अधिकारी को इस आधार पर जमानत दे दी कि दुष्कर्म मामले की जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए अंतिम फैसला आने तक अनिश्चितकाल तक के लिए आरोपी को हिरासत में नहीं रखा जा सकता। अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला का पति नौसेना में काम करता था और वह उसके साथ आरोपी को आवंटित नौसेना क्वार्टर में रहती थी।

शिकायतकर्ता ने कहा है कि 23 अप्रैल को उसका पति 5 महीने के प्रशिक्षण के लिए केरल गया था। उस समय, वह आवास के अपने हिस्से में अकेली रह रही थी। आरोपी ने उसे 29 अप्रैल को चॉकलेट की पेशकश की और 30 अप्रैल की रात को उसके सिर में तेज दर्द हुआ। पीड़िता ने आरोपी से कुछ दवा मांगी जो कि आरोपी के पास नहीं थी। कुछ देर बाद ही आरोपी आया और उसने उसका मुंह दबा दिया और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा।
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महिला ने कहा कि उसने एक ब्लेड से उस पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन उसने खुद को ही नुकसान पहुंचाया। लोक अभियोजक कल्पना हायर ने आरोपी को जमानत दिये जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हालांकि जांच खत्म हो गई है, लेकिन इस बात की पूरी संभावना है कि आरोपी पीड़िता और उसके पति को धमका सकता है। न्यायाधीश ने कहा, ऐसा लगता है कि महिला की शिकायत यह है कि आरोपी ने उसके पति की अनुपस्थिति का फायदा उठाया।
 
पति को झूठे मामले में फंसाने की दी थी धमकी
पीड़िता के अनुसार आरोपी अफसर ने उसे धमकी दी कि यदि वह घटना का कहीं जिक्र करती है तो उसके पति को झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। हालांकि पीड़िता डरी नहीं और उसने अपने पति को इस घटना की जानकारी दी। पति ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। उसके बाद ही इस मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।

आरोपी का दावा, महिला की सहमति से बने संबंध
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से पेश वकील नीलेश दलाल ने दलील दी कि आरोपी अफसर को झूठे आरोप में फंसाया जा रहा है क्योंकि उस दौरान घर पर एक और व्यक्ति मौजूद था, ऐसे में आरोपी का महिला के साथ दुष्कर्म करना संभव नहीं था। दलाल ने आरोप लगाया कि महिला और उसके पति में अक्सर बच्चा न हो पाने को लेकर झगड़ा होता था। वहीं, दलाल ने इसमें आगे यह भी तर्क दिया कि घटनास्थल से कंडोम मिला है यह इस बात का संकेत है कि सहमति से यौन संबंध बनाए गए।

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