युवाओं को ज्यादा चपेट में ले रहा कोरोना
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अभी तक का अनुभव बताता है कि इस लहर का कोरोना कम घातक है। इससे कम लोगों को अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत पड़ रही है और ज्यादातर का होम आइसोलेशन में ही इलाज चल रहा है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इस बात के कोई लक्षण नहीं हैं कि कोरोना की यह लहर कम घातक है।
अब तक के मरीजों का अध्ययन यही बता रहा है कि इस लहर में युवा वर्ग ही कोरोना के आसान शिकार हो रहे हैं, जबकि प्रथम दौर में इसे बुजुर्गों और पहले से किसी अन्य बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए ज्यादा घातक बताया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक़ संक्रमण से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि इस बार संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है और यह आसानी से लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है।