प्रोटोन थेरेपी एक ऐसी अत्याधुनिक पद्धति है, जो कैंसर के अतिसूक्ष्म शिष्ट (गांठ) को मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित किए बिना कैंसर सेल्स का खात्मा करती है। अभी तक दुनिया के करीब 15 देशों में 88 सेंटर खोले जा चुके हैं। अमेरिका, जापान और चीन में सबसे ज्यादा प्रोटोन सेंटर हैं। जबकि दक्षिण पूर्वी एशिया का पहला सेंटर चैन्ने में शुरू हो चुका है।
इस पद्धति से उपचार के फायदे
आमतौर पर कैंसर मरीज को कीमो में बाल झड़ने और तड़प वाली पीड़ा होती है। रेडियोथेरेपी में उसकी त्वचा जल जाती है। जबकि प्रोटोन थेरेपी इन सभी दुष्प्रभावों से मुक्त है। सेंटर के निदेशक डॉ राकेश जलाली ने बताया कि प्रोस्टेट और ब्रेस्ट कैंसर में प्रोटोन थेरेपी एक तरह से वरदान है।