इस बीच, पेटीएम और फोनपे जैसी घरेलू पेमेंट कंपनियों ने आरबीआई के कदम का समर्थन किया है। पेटीएम ने कहा कि अहम डाटा की जानकारी किसी भी सूरत में देश से बाहर नहीं जानी चाहिए, प्रोसेसिंग के लिए भी नहीं। वहीं फोनपे ने कहा कि हमने आरबीआई को सूचित कर दिया है कि हमारा डाटा सिस्टम पूरी तरह स्थानीय है। हमने समयसीमा के भीतर इस काम को पूरा किया है।
इस बीच, गूगल भी डाटा स्थानीयकरण की शर्त मानने को तैयार हो गया है, लेकिन इसे पूरा करने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा है। इस बीच, कुछ लोगों का मानना है कि इस फैसले से कंपनियों के भारत में बिजनेस करने पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
वहीं ई कॉमर्स साइट अमेजन ने कहा कि सभी देशों में जहां हम व्यापार करते हैं, वहां के स्थानीय कानून और नियमों के मुताबिक काम करना हमारी प्राथमिकता है। हम इस मुद्दे पर नियामकों के साथ मिलकर काम करेंगे।