अब तक के सबसे बड़े सामूहिक आत्मसमर्पण के तहत सोमवार को मणिपुर में अलग-अलग संगठनों के 68 उग्रवादियों ने हथियार डाल दिए। इनमें चार महिला उग्रवादी भी शामिल हैं। यहां ‘घर वापसी उत्सव’ के दौरान इन लोगों ने सरेंडर किया।
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राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने उन उग्रवादियों के ‘साहसिक’ फैसले की प्रशंसा की जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ने और शांति एवं विकास की प्रक्रिया से जुड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, हिंसा किसी भी मुद्दे को हल करने का तरीका नहीं हो सकती।
उग्रवादियों को राजनीतिक वार्ता के लिए आगे आना चाहिए। उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की पुरानी नीति ‘पूरी तरह से फेल’ रही है। इसकी समीक्षा जरूरी थी। उन्होंने कहा कि एक नई और संशोधित नीति को केंद्रीय गृहमंत्रालय की अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है।