इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करवाने वाले वीर राजपूत राजा महाराणा प्रताप की आज 479वीं जयंती है। वह मेवाड़ में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। प्रताप की जयंती के मौके पर देशभर में विभिन्न तरह के आयोजन किए जा रहे हैं और उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, "देश के महान सपूत और वीर योद्धा महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उनकी जीवन-गाथा साहस, शौर्य, स्वाभिमान और पराक्रम का प्रतीक है, जिससे देशवासियों को सदा राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिलती रहेगी।"
राजस्थान के कुंभलगढ़ में महाराणा उदयसिंह एवं माता राणी जयवंत कंवरी के घर जन्मे महाराणा ने कई सालों तक मुगल सम्राट अकबर के साथ संघर्ष किया। उन्होंने मुगलों को कई बार युद्ध में हराया भी।
महाराणा प्रताप और अकबर दोनों ही तलवारें टकराने से पहले सुलह करना चाहते थे। इसके लिए हमेशा अकबर की ओर से पहल की गई, जबकि महाराणा प्रताप हमेशा ऐसी दोस्ती के खिलाफ रहे।
इतिहास के अनुसार अकबर ने साल 1576 में महाराणा प्रताप से लड़ाई करने का फैसला लिया था। लेकिन ये लड़ाई उतनी भी आसान नहीं थी। क्योंकि मुगल शासक के पास दो लाख सैनिक थे, जबकि राजपूत सेना में महज 22 हजार सैनिक थे।