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E-Waste: ई-वेस्ट प्रबंधन पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन, इलैक्ट्रॉनिक कचरे के निपटान पर विशेषज्ञों ने किया मंथन

Tue, 12 Jul 2022 06:44 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कॉन्क्लेव में ई-वेस्ट मैनेजमेंट के लिए वैश्विक स्तर पर उपलब्ध आदर्श प्रक्रियाओं को अपनाने पर बल दिया गया। इस दौरान यूरोपीय संघ द्वारा विकसित सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी चर्चा की गई। इस वर्चुअल कॉन्क्लेव में सीके बिस्वास, सीईओ- नेशनल बोर्ड फॉर क्वॉलिटी प्रमोशन (एनबीक्यूपी), क्वॉलिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) ने देश में सुरक्षित ई-कचरे के निपटान के लिए प्रासंगिकता के बारे में मौजूद अतिथियों को विस्तार से जानकारी दी...
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E-Waste - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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देश में बढ़ रहे इलेक्ट्रॉनिक कचरे की समस्या से निपटने के लिए केंद्रीय व राज्य एजेंसियों द्वारा लगातार कवायद की जा रही है। इसी क्रम में ई-वेस्ट मैनेजमेंट पर क्वॉलिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (भारतीय गुणवत्ता परिषद) द्वारा 23वें वर्चुअल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें करीब 350 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दौरान तीन सत्रों में सरकार, उद्योग जगत एवं शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। कॉन्क्लेव का उद्देश्य चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकॉनोमी) अर्थात संसाधनों व वस्तुओं की रिसाइकिलिंग (पुर्नचक्रण), रीयूज (पुनः उपयोग) को बढ़ावा देना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ के एसडीजी लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।

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कॉन्क्लेव में ई-वेस्ट मैनेजमेंट के लिए वैश्विक स्तर पर उपलब्ध आदर्श प्रक्रियाओं को अपनाने पर बल दिया गया। इस दौरान यूरोपीय संघ द्वारा विकसित सर्वोत्तम प्रथाओं पर भी चर्चा की गई। इस वर्चुअल कॉन्क्लेव में सीके बिस्वास, सीईओ- नेशनल बोर्ड फॉर क्वॉलिटी प्रमोशन (एनबीक्यूपी), क्वॉलिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) ने देश में सुरक्षित ई-कचरे के निपटान के लिए प्रासंगिकता के बारे में मौजूद अतिथियों को विस्तार से जानकारी दी।

इस सेमिनार में एके झा, सीनियर डायरेक्टर, नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनएबीईटी) ने विस्तारित निर्माता उत्तरदायित्व (ईपीआर) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने एक मजबूत रीसाइक्लिंग उद्योग और वसूली उपायों की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा सेमिनार में कुणाल कुमार (आईएएस) संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक, स्मार्ट सिटी मिशन, एमओएचयूए ने मुख्य वक्ता के रूप में स्मार्ट शहरों में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्वच्छ भारत मिशन की पहल के उत्कृष्ट परिणामों के विषय में जानकारी दी।
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सेमिनार में डॉ. रेने वान बर्कल, यूएन-आईडीओ की प्रतिनिधि और हेड इंडिया ने सर्कुलर इकोनॉमी के महत्वपूर्ण रुझानों यानी वैश्विक मूल्य श्रृंखला (वर्ल्ड फ़ूड चैन) का पुनर्संतुलन, मार्केटिंग और मैन्युफैक्चरिंग में डिजिटलाइजेशन की अहमियत पर जोर दिया। कॉन्क्लेव की परिकल्पना एवं मेजबानी भारतीय गुणवत्ता परिषद की सहायक सलाहकार डॉ. हरवीन कौर ने की। क्यूसीआई के निदेशक डॉ इंद्रजीत भट्टाचार्य ने प्रतिनिधियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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