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Corona Update: अब डराने लगा है ओमिक्रॉन बीए.5, जानें आपके लिए क्यों है चिंता की बात?

सार

अमर उजाला से चर्चा में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट ऐसे लोगों को ज्यादा संक्रमित करने की क्षमता रखता है जो पिछली लहर में कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं और उनकी एंटीबॉडी मजबूत होने लगी है। बीए.5 ओमिक्रॉन के पुराने सभी वैरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है...
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कोरोना जांच करती स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में एक बार फिर से तेजी देखी जा रही है। हालांकि इस बार सबसे ज्यादा चिंता ओमिक्रॉन के नए सब-वैरिएंट बीए.5 को लेकर है। ये सब-वैरिएंट इतना खतरनाक है कि यह एक व्यक्ति को महज 25 से 30 में दो बार संक्रमित करने की क्षमता रखता है। अमर उजाला से चर्चा में सफदरजंग अस्पताल के प्रोफेसर, निदेशक कम्यूनिटी मेडिसिन डॉ. जुगल किशोर ने बताया, भारत के कई राज्यों में कोरोना के मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस बीच सबसे ज्यादा चिंता का विषय ओमिक्रॉन का एक नया सब-वैरिएंट बीए.5 बना हुआ है। ओमिक्रॉन बीए.5 सभी अन्य वैरिएंट्स को पीछे छोड़ता हुआ आगे बढ़ रहा है। अमेरिका, चीन, यूरोप के अलावा अब भारत में भी इसके केस देखने को मिल रहे हैं। यह इतना खतरनाक वैरिएंट है कि केवल एक माह में लोगों को दो बार संक्रमित कर सकता है। आमतौर पर कोरोना का टीका लगने के बाद या एक बार संक्रमित होने के बाद एंटीबॉडी बनने से संक्रमण से लंबे समय समय तक सुरक्षा मिल जाती थी। लेकिन बीए.5 के मामले में ऐसा नहीं है और कई लोगों में कुछ हफ्तों बाद ही फिर से संक्रमित होने के केस भी सामने आ रहे हैं।

आखिर क्यों है यह इतना खतरनाक?

अमर उजाला से चर्चा में स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं कि ओमिक्रॉन का नया सब-वैरिएंट ऐसे लोगों को ज्यादा संक्रमित करने की क्षमता रखता है जो पिछली लहर में कोरोना संक्रमण के शिकार हो चुके हैं और उनकी एंटीबॉडी मजबूत होने लगी है। बीए.5 ओमिक्रॉन के पुराने सभी वैरिएंट की तुलना में ज्यादा संक्रामक है। पिछले हफ्ते साइंस मैगजीन में प्रकाशित एक अध्ययन में भी बताया गया है कि कई देशों में लगातार कोरोना के मामले देखने को मिल रहे हैं, जहां एक ही व्यक्ति कुछ ही दिन के अंतराल में बार-बार संक्रमित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि ऐसा इस नए वैरिएंट्स की वजह से हो रहा है। यह नया वैरिएंट कोरोना वैक्सीन से मिल रही सुरक्षा को भी चकमा देने में कामयाब हो रहा है।

वायरस के लक्षण को ऐसे पहचानें

देश में कई जगह नए वैरिएंट के मामले सामने आए हैं। जो लोग इस वायरस से संक्रमित है उनमें सामान्य लक्षण देखे गए हैं। इनमें खासकर नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, लगातार खांसी और थकान शामिल हैं। जेडओई कोविड स्टडी के अनुसार, एक तिहाई से भी कम लोगों में बुखार का लक्षण मिला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बीए.5 में पहले से संक्रमित हुए और एंटीबॉडी पा चुके लोगों को भी संक्रमित करने की क्षमता है इसलिए इससे बचाव बहुत जरूरी है। इसे रोकने का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण और बूस्टर शॉट्स प्राप्त करना है। इसके अलावा आपको मास्क पहनना चाहिए, भीड़ में जाने से बचें और साफ-सफाई का ध्यान रखें।

भारत में बढ़ रहे कोरोना के केस

भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 13,615 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,36,52,944 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1,31,043 पर पहुंच गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में संक्रमण से 20 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,25,474 हो गई। देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 1,31,043 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.30 फीसदी है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 330 की बढ़ोतरी हुई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.50 फीसदी है।

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देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी। संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्तूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्तूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे। पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी। इस साल 25 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार हो गए थे।

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