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चेन्नई : अन्नाद्रमुक के होर्डिंग की वजह से सड़क पर गिरी 23 साल की इंजीनियर, टैंकर ने रौंदा

Fri, 13 Sep 2019 04:08 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
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सुभाश्री - फोटो : Facebook
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तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक के नेता द्वारा लगवाए गए एक अवैध होर्डिंग ने गुरुवार को चेन्नई में 23 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुबाश्री की जान ले ली। स्कूटर पर घर लौटते वक्त होर्डिंग गिरने के कारण लड़की सड़क पर गिरी और पीछे से आ रहे एक टैंकर ने उसे रौंद दिया। इस पर शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई।

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कोर्ट ने कहा कि हम अवैध होर्डिंगों के खिलाफ आदेश दे-देकर थक गए हैं। अब तो सरकार से भी भरोसा उठ गया है। जस्टिस एम सत्यनारायण और एन सेशासयी की बेंच ने राज्य सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनरल से कहा, 'जब फ्लैक्स बोर्ड लग रहे थे, तब अधिकारी कहां थे? मारी गई लड़की के माता-पिता को सरकार क्या जवाब देगी? मौत के लिए सिर्फ मुआवजा देकर आप संतुष्ट नहीं हो सकते। सड़कों पर और कितने लीटर खून बहाना चाहते हैं?' बेंच ने पूछा, 'क्या देश में नागरिकों की जान की यही कीमत है?

नौकरशाह इतने संवेदनहीन क्यों हैं? फ्लैक्स बोर्ड रातों-रात नहीं लगे। कल्पना करो कि वह लड़की सुबाश्री जीडीपी में कितना योगदान दे सकती थी। यह नौकरशाहों की उदासीनता है। माफ कीजिए, लेकिन हमारा सरकार से भरोसा उठ चुका है।'

फटकार के बाद पार्टियों ने की होर्डिंग नहीं लगाने की अपील

राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि अवैध होर्डिंग की संख्या 80% तक घटी है। इस पर बेंच ने कहा कि कोई भी दल हमारी बात नहीं सुनता। आज तक नहीं देखा कि किसी दल ने फ्लैक्स बोर्ड के खिलाफ बयान दिया हो। क्या यह दल कानून से ऊपर हैं? मुख्यमंत्री अपने कार्यकर्ताओं को होर्डिंग नहीं लगाने को कहें। अब तो राजनीतिक दल इनके खिलाफ आंदोलन शुरू करें। कोर्ट की फटकार के बाद अन्नाद्रमुक और डीएमके ने अपने कार्यकर्ताओं से होर्डिंग नहीं लगाने की अपील की है।

लड़की पर जो होर्डिंग गिरा, वह नेता ने विवाह कार्यक्रम के लिए लगवाया था

सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवती पर जो अवैध होर्डिंग गिरा, वह अन्नाद्रमुक के एक नेता ने परिवार के विवाह कार्यक्रम के लिए लगाया था। बेंच ने राज्य सरकार से पूछा है कि क्या फ्लैक्स बोर्ड के बिना विवाह नहीं हो सकता था? सरकार ने जवाब देने के लिए दो सप्ताह का वक्त मांगा है।

मद्रास उच्च न्यायालय ने लिया स्वत: संज्ञान

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने सिर पर हेल्मेट पहना हुआ था। इस मामले पर मद्रास उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि वह अवैध होर्डिंग के खिलाफ कई बार आदेश पारित करके थक चुका है। न्यायमूर्ति शेषासई ने कहा कि इस देश में लोगों की जान की कोई परवाह नहीं है। यह नौकरशाही की उदासीनता है। माफ कीजिए हमें सरकार पर भरोसा नहीं है।

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प्रशासन ने सील की होर्डिंग छापने वाली प्रेस

चेन्नई दक्षिण क्षेत्र के संयुक्त पुलिस आयुक्त सी माहेश्वरी ने कहा, 'होर्डिंग्स अनधिकृत हैं। जिसने इन्हें लगाया है हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।' टैंकर के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। चेन्नई के नागरिक निकाय ने कथित तौर पर होर्डिंग को छापने वाले प्रेस को सील कर दिया है। वहीं राज्य में इस घटना के बाद विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का एक मौका मिल गया है।

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स्टालिन ने इंजीनियर की मौत को बताया सरकार की लापरवाही

डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पूछा है कि सत्ता के भूखे और अराजकतावादी शासन और कितनी जिंदगियां लेगा? उन्होंने कहा, 'सुभाश्री की मौत सरकार की लापरवाही और अक्षम पुलिस अधिकारियों के कारण हुई है। अवैध बैनर ने एक और जिंदगी ले ली। सत्ता के भूखे और अराजकतावादी शासन और कितनी जिदंगियां लेना चाहता है?'

डीएमके विधायक ने पूछा मौत के लिए कौन है जिम्मेदार

वहीं डीएमके के विधायक ई करुणानिधि ने पूछा है कि लड़की की मौत का आखिर जिम्मेदार कौन है? उन्होंने कहा, 'इस बैनर को सत्तासीन पार्टी ने लगाया था। हमारी पार्टी इस बात की वकालत करती रही है कि बैनर संस्कृति को अब खत्म कर देना चाहिए। अब युवा लड़की की मौत का जिम्मेदार कौन है?  पीड़िता के परिवार वालों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए।'

एआईएडीएमके ने पार्टी के कैडरों से की बैनर न लगाने की अपील

हादसे के बाद एआईएडीएमके ने अपने कैडरों से कहा है कि उन्हें ऐसे बैनर या पोस्टर नहीं लगाने चाहिए जिससे जनता को असुविधा हो। कुछ अति उत्साही कैडरों ने इन बैनरों को समाज और आम जनता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को महसूस किए बिना लगाया। हमें इस तरह के बैनरों के कारण जनता को होने वाली कठिनाईयों के बारे में जानने से पीड़ा होती है।
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