शेन वार्न, अंगुलियों में गेंद को फंसाकर, छोटे से रनअप के साथ क्रीज पर पहुंचकर अपनी पूरी ताकत गेंद को ज्याद से ज्यादा रोटेशन देने में झोंक देते। उसके बाद बाकी का काम गेंद खुद-ब-खुद कर लेती। शेन वॉर्न (1992-2007) ने अपने 15 साल के क्रिकेट करियर में कई बेहतरीन गेंदें फेंकीं, लेकिन जो गेंद लोगों के दिलों दिमाग में घर कर गई, वो 1993 में एशेज सीरीज के दौरान आई। एक ऐसी गेंद जिसे 'बॉल ऑफ द सेंचुरी' कहा गया। वार्न ने अपनी लेग स्पिन पर माइक गैटिंग को बोल्ड किया, वो गेंद लगभग 90 डिग्री तक घूमी थी।
इंग्लैंड का ओल्ड ट्रैफर्ड का मैदान। पहला एशेज टेस्ट, ऐथरटन का विकेट गिरने के बाद गैटिंग क्रीज पर आए और आते ही एक चौका मारा। गैटिंग आराम से पिच के मिजाज को भांप गए थे, तभी लाल गेंद उस गेंदबाज के हाथ में आई, जिसने साल भर पहले ही अपना टेस्ट डेब्यू किया था।
गैटिंग स्पिनर को बेहतरीन अंदाज में खेलते थे, लेकिन उस दिन वार्न की अंगुली कमाल करने वाली थी। उनके हाथ में गेंद थी। फील्ड थी, एक स्लिप, कवर, डीप लॉन्ग ऑन और विकेट के पीछे इयान हीली। वार्न अपने शांत रनअप के साथ चले और अंपायर के पास पहुंचते ही अपनी सारी ताकत गेंद की रोटेशन में झोंक दी।
वार्न की गेंद लेग स्टंप के काफी बाहर पिच हुई और ऐसा लग रहा था कि गेंद वाइड हो सकती है, गैटिंग ने उसे खेलने का प्रयास नहीं किया, लेकिन वार्न ने हाथ से गेंद छोड़ने से पहले उसमें जो ताकत भरी थी वो दिखी, गेंद ड्रिफ्ट करते हुए अंदर गिरी। और डिप हुई जिसकी वजह से गैटिंग ने अपने पैर को खोल लेग स्टंप की लाइन के बाहर ला दिया, बस इसके बाद गेंद ने तेजी से टर्न लेते हुए गैटिंग के ऑफ स्टंप पर जमी बेल्स को हवा में लहरा दिया। स्टेडियम में बैठे दशर्कों से लेकर हर किसी के चेहरे पर सिर्फ एक ही भाव थे आखिर ये कैसे हुआ।