युवाजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के राज्यसभा के दो सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के मुताबिक, बीडा मस्थान राव यादव और वेंकटारमन राव मोपीदेवी ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
बीडा मस्थान राव का कार्यकाल जून 2028 में समाप्त होना था। वह तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) छोड़कर वाईएसआरसीपी में शामिल हुए थे। अब उनके वापस तेदेपा में जाने की अटकलें हैं। सूत्रों की मानें तो मोपीदेवी का कार्यकाल जून 2026 तक था। वह भी तेदेपा में शामिल हो सकते हैं।
इससे पहले नौ राज्यों में राज्यसभा उपचुनाव की नामांकन की प्रक्रिया मंगलवार को खत्म हो गई। ये चुनाव 12 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे हैं। इनमें से 11 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया है जबकि एक राज्यसभा सीट के लिए मतदान कराया जाएगा। निर्विरोध चुने जाने वालों केंद्रीय मंत्री भी शामिल हैं।
मौजूदा सदस्यों के लोकसभा सांसद के तौर पर निर्वाचित होने के बाद राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो गई थीं। वहीं बाद में राज्यसभा के दो सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया था। अब इस चुनाव से भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को उच्च सदन में फायदा हुआ है।
विपक्ष, जदयू ने 'जाति जनगणना' पर चर्चा की मांग की
इस बीच भाजपा की सहयोगी जदयू ने गुरुवार को विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए मांग की कि संसद की अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति में 'जाति जनगणना' को चर्चा के विषय के रूप में लिया जाए। डीएमके सदस्य टीआर बालू ने समिति की पहली बैठक में यह मुद्दा उठाया, जिसकी अध्यक्षता भाजपा सदस्य गणेश सिंह ने की। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर चाहते थे कि समिति 'जाति जनगणना' को विचार-विमर्श के लिए पहले विषय के रूप में सूचीबद्ध करे। उन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सदस्य कल्याण बनर्जी का समर्थन मिला। जदयू नेता गिरधारी यादव चाहते थे कि समिति द्वारा 'जाति जनगणना' मुद्दे को विचार-विमर्श के लिए सूचीबद्ध किया जाए।