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MEA: जनवरी में मनाया जाएगा 18वां प्रवासी भारतीय दिवस, जयशंकर बोले- भारतीय प्रवासियों की भलाई हमारी प्राथमिकता

Tue, 12 Nov 2024 06:39 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

18वां प्रवासी भारतीय दिवस अगले साल की शुरुआत में जनवरी महीने की 8 से 10 तारीख तक मनाया जाएगा। जिसका थीम 'विकसित भारत का संकल्प व प्रवासी भारतीयों का योगदान' है।
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एस. जयशंकर, विदेश मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली में 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के लिए वेबसाइट लॉन्च के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, हम 8-10 जनवरी 2025 तक भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के साथ 18वें प्रवासी भारतीय दिवस की सह-मेजबानी करेंगे।
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भारतीय प्रवासियों की भलाई सरकार की प्राथमिकता- जयशंकर
इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आगे कहा, भारत सरकार ने हमेशा दुनिया भर में भारतीय प्रवासियों की भलाई को प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं के दौरान प्रवासी भारतीयों के साथ नियमित बातचीत और इस तरह के आयोजनों में हमारे प्रवासी भारतीयों की तरफ से प्रदर्शित जबरदस्त समर्थन भारत और उसके वैश्विक समुदाय के बीच मजबूत बंधन का प्रमाण है। 
 

'विकसित भारत का संकल्प व प्रवासी भारतीयों का योगदान' थीम
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, आज जब हम कई वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तो हमारे प्रवासी समुदाय की ताकत हमें समर्थन का एक स्तंभ और उन्हें पर्याप्त रूप से संबोधित करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती है। मुझे विश्वास है कि प्रवासी समुदाय 2047 तक विकसित भारत बनने की दिशा में भारत की यात्रा में उल्लेखनीय भूमिका निभाते रहेंगे। यही कारण है कि हमने आगामी 18वें प्रवासी भारतीय दिवस के लिए व्यापक थीम के रूप में 'विकसित भारत का संकल्प व प्रवासी भारतीयों का योगदान' चुना है।
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'भारत और रूस 2030 से पहले 100 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य करेंगे हासिल'
वहीं विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि भारत को विश्वास है कि वह 2030 से पहले ही रूस के साथ वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा देगा और दोनों देशों के बीच अधिक ठोस संबंधों की वैश्विक स्तर पर बड़ी गूंज होगी। उन्होंने कहा कि व्यापार में चुनौतियां रही हैं, खासकर भुगतान और लॉजिस्टिक्स के संबंध में..और इससे काफी हद तक निपटा भी गया है लेकिन अब भी कुछ काम किया जाना बाकी है। विदेश मंत्री ने व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक सहयोग (आईआरआईजीसी-टीईसी) पर 25वें भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में यह बात कही। इस बैठक में रूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उसके पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव ने किया। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत में आर्थिक अवसर तलाशने में रूस की बढ़ती रुचि का देश स्वागत करता है और उसका पूर्ण समर्थन करता है।
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