तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई स्थित अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। दरअसल, आज इस अकादमी से शहीद दीपक नैनवाल की पत्नी ज्योति नैनवाल ने अपने सपने को पूरा कर सैन्य अधिकारी बन गईं। बता दें कि दीपक नैनवाल वर्ष 2018 में जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। नवनियुक्त भारतीय सेना अधिकारी ज्योति नैनवाल के दो बच्चे भी हैं। शनिवार को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से वह पास आउट हुईं। इस दौरान उनके दोनों बच्चे भी पीओपी में मौजूद रहे। अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी से नैनवाल समेत कुल 178 कैडेट पास आउट हुए जिनमें 124 पुरुष, 29 महिलाएं और 25 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
शहीद दीपक नैनवाल 20 मई 2018 को हुए थे शहीद
शहीद दीपक नैनवाल 10 अप्रैल 2018 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकी मुठभेड़ में घायल हुए थे। उन्हें तीन गोलियां लगी थीं लेकिन फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और जिंदगी और मौत से एक महीने तक लड़े। वे अपनी पत्नी, बच्चे, मां से यहीं कहते थे कि चिंता मत करो, मामूली जख्म है, ठीक हो जाएगा। लेकिन, 20 मई 2018 को वह जिंदगी की जंग हार गए। लेकिन पति दीपक के शहीद होने के बाद उनकी पत्नी ने हिम्मत नहीं हारी और देश सेवा करने के लिए सैन्य अधिकारी बनने को ठान लिया। अब ढाई वर्ष बाद आज उन्होंने अपना सपना पूरा कर लिया।
मां के सेना में अफसर बनने पर रेयांश को गर्व
शहीद दीपक नैनवाल के दो बच्चे हैं। बेटी लावण्या और बेटा रेयांश। लावण्या कक्षा चार में पढ़ती है और रेयांश कक्षा एक में पढ़ता है। मां के सेना में अफसर बनने पर रेयांश को गर्व है और वह भी आगे चलकर फौजी ही बनना चाहता है।
देश सेवा से जुड़ी हैं तीन पीढ़िया
दीपक नैनवाल के परिवार की तीन पीढ़िया देश सेवा से जुड़ी हुई हैं। दीपक के पिता चक्रधर नैनवाल भी फौज से रिटायर्ड हैं। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध, कारगिल युद्ध व कई अन्य ऑपरेशंस में हिस्सा लिया है। उनके पिता व दीपक के दादा सुरेशानंद नैनवाल भी स्वतंत्रता सेनानी थे।