इंजीनियरिंग स्नातक में एडमिशन के लिए होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की रैंकिंग में अगले साल से 12वीं के अंक कोई मायने नहीं रखेंगे। अशोक मिश्रा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने 2017 से प्रवेश परीक्षा के पैटर्न में बदलाव करने का निर्णय लिया है। यह रिपोर्ट व्यापक विचार विमर्श के लिए पब्लिक डोमेन में भी रखी गई थी।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के तहत जेईई में रैंक निर्धारित करते समय कक्षा 12 के अंकों के आधार पर 40 फीसदी वेटेज दिया जाता है। अगले साल से यह व्यवस्था खत्म होगी।
12वीं के अंक केवल परीक्षा में बैठने के लिए जरूरी अर्हता के महत्वपूर्ण मानक होंगे। समिति ने पिछले साल नवंबर में जेईई के स्वरूप में व्यापक बदलाव की सिफारिश की थी। इसकी अनुशंसा में नेशनल टेस्टिंग सर्विस की स्थापना भी शामिल थी।