नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों और जम्मू-कश्मीर में आतंकियों से निपटने के लिए सीआरपीएफ में जल्द ही 100 कुत्तों की भर्ती होने जा रही है। विशेष रूप से प्रशिक्षित ये कुत्ते ऑपरेशन में सीआरपीएफ की मदद करेंगे।
90 दिन की उम्र के बाद ट्रेनिंग
एक वरिष्ठ अधिकारी ने एएनआई को बताया कि के9 यूनिट के लिए 100 पिल्ले लाए जा रहे हैं। कुछ समय देखभाल के बाद में इन्हें डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्कूल बेंगलुरू भेजा जाएगा जहां इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी। 90 दिन की उम्र के बाद इन्हें ट्रेनिंग दी जाती है।
दस्तावेज में कहा गया है कि सीआरपीएफ के ऑपरेशनल यूनिट को नक्ससलियों और आतंकियों के आईईडी संभावित इलाकों में मुश्किलें हो रही हैं। इसके मद्देनजर सीआरपीएफ बेल्जियम शेफर्ड मिलिनॉइस प्रजाति के पिल्ले खरीदने की योजना बना रही है।
स्निफिंग डॉग से बटालियन को भारी मदद
अधिकारी ने कहा कि यूनिट के लिए ऐसे और अधिक कुत्ते लाए जाने की योजना बन रही है। इसी के साथ नक्सल प्रभावित इलाकों और जम्मू-कश्मीर में और सुरक्षाबलों की तैनाती होगी। अधिकारी ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में स्निफिंग डॉग टीम के लिए बड़ी मदद साबित हुए हैं। नक्सली इलाकों में हर बटालियन में 14 कुत्ते हैं। जब भी पेट्रोलिंग टीम आगे बढ़ती है तो ये कुत्ते आगे रहकर खतरे जैसे आईईडी, हमले आय लैंडमाइन को भांपने का काम करते हैं।
अधिकारी ने कहा कि सीआरपीएफ अब सिर्फ बेल्जियम शेफर्ड मिलिनॉइस के कुत्ते ही शामिल कर रही है। दुनिया में पुलिस के लिए बीएसएम ही सबसे बेहतर हैं। ये एक आजमाई हुई प्रजाति है।