केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने 100 करोड़ से अधिक खुराक देने की उपलब्धि पर कहा कि यह कोरोना योद्धाओं, नए भारत और सहयोगात्मक संघवाद की भावना की जीत है। टीके के चलते ही डेढ़ साल से बंद पर्यटन उद्योग को रफ्तार मिलने लगी है। धीरे-धीरे संक्रमण में कमी आई तो आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है। वर्तमान परिदृश्य में कोरोनारोधी टीकाकरण और पर्यटन साथ-साथ ही चलेंगे।
टीकाकरण के बिना पर्यटन आगे नहीं बढ़ पाएगा और पर्यटक नहीं आएंगे। हमें चुनौतीपूर्ण समय का इस्तेमाल, पर्यटन क्षेत्र के बारे में पुनर्विचार करने, उसे पुनर्जीवित करने और नए सिरे से इस पर काम करने के अवसर के रूप में करना होगा।
केंद्रीय मंत्री बृहस्पतिवार को भारत के दक्षिणी राज्यों के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रियों के बंगलूरू में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। रेड्डी ने कहा कि इस गति से टीकाकरण को बढ़ाने का सरकार का निर्णय यह सुनिश्चित करना था कि जीवन और आजीविका दोनों सुरक्षित रहें। मंत्रालय ने थीम आधारित पर्यटन सर्किट के एकीकृत विकास पर केंद्रित स्वदेश दर्शन योजना के तहत दक्षिणी राज्यों में 1,088 करोड़ रुपये की 15 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। मंत्री ने कहा कि प्रसाद योजना (तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिकता संवर्धन अभियान) के तहत मंत्रालय ने इस क्षेत्र में छह परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जो पूरे बजट का 15 प्रतिशत है।
नई शिक्षा नीति के बाद अब नई पर्यटन नीति
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2019-20 की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में पर्यटन उद्योग से 79.9 फीसदी लोगों को रोजगार मिला है। इस क्षेत्र में रोजगार की दर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसीलिए सरकार नई पर्यटन नीति ला रही है। इसे विभिन्न देशों की पर्यटन नीति के तहत तैयार किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटर, गाइड, होटल इंडस्ट्री से लेकर सभी हितधारकों के सुझाव आमंत्रित किये जा रहे हैं, ताकि उसे शामिल किया जा सके। इसमें विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं को उद्योग का दर्जा प्रदान करने के लिए परामर्श, टूर ऑपरेटरों को 10 लाख रुपये का असुरक्षित ऋण और महामारी से प्रभावित पर्यटक गाइडों को एक लाख रुपये का ऋण तथा एक नया डेटा-संचालित अतुल्य भारत 2.0 अभियान शामिल है।
169 देशों के पांच लाख विदेशी आगंतुकों को मुफ्त वीजा
केंद्रीय राज्यमंत्री अजय भट्ट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू होने के बाद विदेशी आगंतुकों को पांच लाख मुफ्त वीजा प्रदान किए जाएंगे, जबकि ई-वीजा को 169 देशों में विस्तारित किया जाएगा।