राष्ट्रीय बैंबू मिशन के तहत ऊना जिला के घंडावल में बैंबू टूथब्रश उद्योग का रास्ता साफ हो गया है। उद्योग विभाग ने प्रदेश की कंपनी को उद्योग का काम आउटसोर्स कर दिया है। उत्पाद का विपणन करने के लिए भी रूपरेखा तैयार कर ली है। हिमाचल में यह उद्योग पहली बार वर्ष 2022-23 में ऊना जिला में स्थापित किया गया। 10 कनाल एरिया में उद्योग में आगामी समय में बैंबू हैंडी क्राफ्ट उत्पाद भी तैयार किए जाएंगे। जिसके लिए हाल ही में उद्योग विभाग ने भारत सरकार को दो करोड़ की परियोजना का प्रस्ताव तैयार करके भेजा है। वर्तमान में प्रदेश में तैयार होने वाला बांस का 90 फीसदी हिस्सा पंजाब समेत दूसरे राज्यों को सप्लाई किया जाता है। प्रदेश में ही उद्योग नियमित तौर से संचालित होने से सारा बांस यहां पर ही इस्तेमाल में लाया जाएगा।
उद्योग विभाग ने आगामी समय में लोगों को बांस के पौधे लगाने के लिए जागरूक करने की योजना बनाई है, ताकि अधिक से अधिक बांस का उत्पादन प्रदेश में हो सके। इससे लोगों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी और उद्योग के लगने से जिले के करीब 500 बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। टूथब्रश उद्योग स्थापित करने के लिए महाराष्ट्र की एक निजी कंपनी की सहायता ली है। हिमाचल प्रदेश से पहले महाराष्ट्र में बांस उत्पाद की विभिन्न किस्म के उत्पाद तैयार किए जाते हैं। यह कंपनी पूणे में बांस से बनने वाले टूथब्रश उद्योग का संचालन कर रही है। महाराष्ट्र की निजी कंपनी ही उद्योग स्थापित करने से लेकर टूथब्रश के विपणन को लेकर पूरी योजना को तैयार करेगी। स्वयं सहायता समूह की फेडरेशन को इस उद्योग को चलाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।