प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश के विधायक नए मुख्यमंत्री होंगे। वह छठी बार प्रदेश की बागडोर संभालेंगे। शनिवार देर रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर सोनिया गांधी ने उन्हें कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना। उन्होंने वीरभद्र सिंह से टेलीफोन पर बातचीत भी की।
कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने रात में 10.10 बजे वीरभद्र सिंह को विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सिंगल लाइन प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रीय अध्यक्ष को फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया था।
इसकी जानकारी फैक्स से उन्हें दे दी गई थी। कांग्रेस अध्यक्ष ने विधायकों की राय जानने के लिए कहा। पर्यवेक्षकों ने इससे उन्हें अवगत करा दिया। इसके बाद सोनिया ने वीरभद्र सिंह को विधायक दल का नेता चुने जाने का फैसला सुनाया। वीरभद्र दिल्ली जाकर सोनिया से मिलेंगे और उसके बाद शपथ ग्रहण और अन्य कार्यक्रम तय होंगे।
इससे पहले विधानसभा परिसर में हुई विधायक दल की बैठक में नेता के चयन के लिए सोनिया गांधी को अधिकृत करने का प्रस्ताव वीरभद्र सिंह ने रखा। विद्या स्टोक्स एवं कौल सिंह ने इसका समर्थन किया। बैठक केंद्रीय पर्यवेक्षकों एआईसीसी महासचिव जनार्दन द्विवेदी, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और प्रदेश प्रभारी चौधरी बीरेंद्र सिंह और सचिव अनीस अहमद की उपस्थिति में हुई।
बैठक में नंबर गेम पूरी तरह वीरभद्र सिंह के पक्ष में था। करीब 26 विधायक उनके साथ थे। बैठक में नगरोटा से जीएस बाली और दून से राम कुमार के अलावा सभी 34 विधायक शामिल हुए। बैठक शाम को 6.50 बजे शुरू हुई। जनार्दन द्विवेदी और चौधरी बीरेंद्र सिंह पहले ही शिमला पहुंच चुके थे। शीला दीक्षित के पहुंचते ही विधायक और केंद्रीय पर्यवेक्षक विधानसभा पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे के विचार-विमर्श के बाद वीरभद्र सिंह की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया कि हिमाचल में विधायक दल के नेता पर निर्णय स्वयं सोनिया गांधी लें।
हिमाचल में कुशल प्रशासन देंगे
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद वीरभद्र सिंह ने कहा कि वह हिमाचल में कुशल प्रशासन देंगे। उन्होंने अपने ऊपर भरोसा जताने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और सभी विधायकों का आभार जताया है। इसके बाद उन्होंने विधायकों के साथ बैठक भी की। वीरभद्र सिंह ने कहा कि शपथ और अन्य सारे काम वह सोनिया गांधी से मुलाकात करने के बाद करेंगे।
गेट पर डटे रहे वीरभद्र समर्थक, नारेबाजी
विधानसभा के लाइब्रेरी भवन के गेट पर वीरभद्र समर्थक डटे रहे। सैकड़ों समर्थकों ने उनका नाम घोषित करने के लिए जोरदार नारेबाजी की। समर्थक कह रहे थे - राजा जी के वास्ते, खाली कर दो रास्ते। भीतर से अच्छी खबर के इंतजार में लगातार दो घंटे तक नारेबाजी हुई। इस भीड़ के कारण केंद्रीय नेताओं और विधायकों को अंदर भेजने में पुलिस के पसीने छूट गए।