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विमल नेगी मौत मामला: परिजन बोले- पार्टी बनने के लिए सरकार कर रही शक्तियों का दुरुपयोग, हम CBI जांच से संतुष्ट

Wed, 15 Oct 2025 03:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

Vimal Negi Death Case: मंगलवार को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय पहुंचे विमल नेगी के परिजनों ने कहा कि एसपी क्या मुख्यमंत्री से ऊपर हैं, जो फाइल लेकर पार्टी बनने कोर्ट पहुंच जाते हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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मृतक विमल नेगी (फाइल फोटो)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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पावर कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर दिवंगत विमल नेगी के परिजनों ने कहा कि केस में पार्टी बनने के लिए सरकार अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रही है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय पहुंचे विमल नेगी के परिजनों ने कहा कि एसपी क्या मुख्यमंत्री से ऊपर हैं, जो फाइल लेकर पार्टी बनने कोर्ट पहुंच जाते हैं। उन्होंने सरकार पर मामले में संलिप्त अधिकारियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।

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विमल नेगी के मामा राजिंदर सिंह नेगी ने कहा कि सीबीआई की जांच और न्यायालय की कार्रवाई से हम पूरी तरह संतुष्ट हैं। हमें यह समझ नहीं आ रहा कि सरकार इस मामले में पार्टी बनने के लिए इतनी उत्सुक क्यों है? जबकि मुख्यमंत्री ने कहा था कि न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। अब सरकार इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। ऐसा लगता है कि सरकार इस मामले में पूरी तरह संलिप्त है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा ने अपनी जांच में जो तथ्य न्यायालय में सौंपे हैं, उसकी जांच के लिए उनके जूनियर अधिकारियों को लगा दिया गया है। मामले की जांच अगर पुलिस की एसआईटी सही तरह से कर रही थी तो उच्च न्यायालय ने मामले की जांच सीबीआई को क्यों सौंपी। सरकार जो कर रही है, वह पूरी तरह से न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। माननीय उच्च न्यायालय से हमारी मांग है कि इस मामले का संज्ञान लिया जाना चाहिए।

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किरण नेगी के वकील ने भी सरकार को पार्टी बनाने का किया विरोध
विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी के वकील ने बताया कि हरिकेश मीणा ने न्यायालय के समक्ष जमानत के लिए आवेदन कर रखा है। आवेदन अभी लंबित है और उस पर नियमित सुनवाई चल रही है। सरकार ने 8 सितंबर को न्यायालय के समक्ष एक आवेदन किया था कि हमें भी इस मामले में पार्टी बनाया जाए। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी। कोर्ट की ओर से दी गई अनुमति के खिलाफ सीबीआई ने आदेशों में बदलाव के लिए आवेदन किया, तर्क दिया कि सरकार को इस मामले में दखल का अधिकार नहीं है। हमने सीबीआई की मांग का समर्थन किया है और कहा है कि जब माननीय उच्च न्यायालय ने जांच सीबीआई को सौंप दी है तो प्रदेश सरकार इस मामले में पार्टी नहीं बन सकती।
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