लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि बरसात के दौरान सड़कों को बहाल रखने के लिए विभाग ने पूरे प्रदेश में जेसीबी और पोकलेन जैसी मशीनें हायर करके लगाई हैं। बंद सड़कों और उनकी बहाली की मॉनिटरिंग की जा रही है। बरसात के बाद सड़कों की टारिंग होगी। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण बिटुमेन (कोलतार) के दाम दोगुने होने के कारण, टेंडर करने के बावजूद समर टारिंग सीजन में सड़कों की टारिंग और मेटलिंग का कार्य नहीं हो पाया था। हालांकि, केंद्र ने इसके लिए बजट बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बरसात के तुरंत बाद इन सड़कों के टेंडर कर टारिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। इससे खराब सड़कों की समस्या का स्थायी हल हो जाएगा। शिमला ग्रामीण में विभिन्न विकास कार्यों पर 650 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र ने जिले के सेब बाहुल क्षेत्र की सड़कों के लिए 240 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें छैला-यशवंतनगर-नेरीपुल सड़क के अपग्रेडेशन के लिए 203 करोड़ रुपये और रामपुर की टिककर-खमाड़ी सड़क के शेष बचे हिस्से के अपग्रेडेशन के लिए 36 करोड़ रुपये की राशि शामिल हैं। इन सड़कों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।